उत्तराखंड : उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानि एसआईआर कार्यक्रम सोमवार से प्रारंभ हो जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म बांटेंगे और मतदाता बीएलओ से संपर्क करने के लिए बुक ए कॉल का लाभ भी ले सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से बूथ लेवल एजेंट्स के साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाने की अपील की है। प्रदेश के समस्त बीएलओ के पास गणना फार्म पहुंचा दिए गए हैं। अभियान के तहत सभी मतदाताओं को यह गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे।

एक महीने के समय में यानि 07 जुलाई तक बीएलओ की ओर से मतदाताओं के गणना फार्मों को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटिलाइज किया जाएगा। चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण  के गणना प्रपत्र में मतदाता 2003 की जो जानकारी देंगे, उसके डेटा का मिलान न होने पर आयोग की तरफ से नोटिस आएगा। नोटिस आने के उपरांत अपने और माता-पिता के भी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

चुनाव आयोग उत्तराखंड में 08 जून से एसआईआर प्रारंभ करने जा रहा है जिसके तहत बीएलओ घर-घर गणना प्रपत्र लेकर पहुंचेंगे। इसके साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। जिन मतदाताओं का विवरण उपलब्ध नहीं कराया जा सका है या जिनका विवरण 2003 की मतदाता सूची के डेटाबेस से मेल नहीं खा रहा है, उन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की तरफ से नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने पर मतदाताओं को अपनी नागरिकता और जन्म से जुड़े वांछित वैध दस्तावेज जमा कराने होंगे।

नोटिस मिलने वाले मतदाताओं को अपनी जन्मतिथि और जन्म स्थान साबित करने के लिए तीन अलग-अलग समय श्रेणियों के आधार पर दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। एक जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं की जन्मतिथि और जन्म स्थान साबित करने वाला कोई एक वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

एक जुलाई 1987 और दो दिसंबर 2004 के बीच भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं के लिए और साथ ही माता या पिता का जन्म स्थान, जन्मतिथि साबित करने वाला दस्तावेज दिखाना होगा। दो दिसंबर 2004 के बाद भारत में जन्मे मतदाताओं को स्वयं का, माता और पिता का जन्म स्थान व तिथि साबित करने वाले अलग-अलग दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नहीं है तो अपने जन्म के समय उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की एक छायाप्रति उपलब्ध करानी होगी।

चुनाव आयोग द्वारा सभी बूथ लेवल ऑफिसर यानि बीएलओ के मोबाइल फ़ोन में एक महीने के रिचार्ज के लिए भुगतान प्रदान किया जाएगा। विदित हो कि यह भुगतान इसलिए प्रदान किया जाएगा क्योंकि बीएलओ को एसआईआर का गणना प्रपत्र बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटलाइज करना है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में 11,733 बूथ लेवल ऑफिसर तैनात हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान कार्य में जुटे बीएलओ को मोबाइल डाटा रिचार्ज के लिए आयोग की तरफ से 350 रुपए का भुगतान किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की विशेष पहल पर प्रदेश के सभी बीएलओ को भुगतान के संबंध में आदेश जारी किए जा चुके हैं।

08 जून से 07 जुलाई तक की एक माह की अवधि में बीएलओ मतदाताओं से प्राप्त भरे हुए गणना प्रपत्रों को बीएलओ एप के माध्यम से डिजिटलाइज करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ को मोबाइल डाटा प्लान की कमी न होने पाए, इसी के मद्देनजर एक महीने के मोबाइल रिचार्ज प्लान के लिए धनराशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

यदि कोई चाहे तो बीएलओ के इंतजार के स्थान पर जारी की गई आधिकारिक वेबसाइट से अपने मोबाइल में एप इंस्टॉल कर उसके उसके माध्यम से भी अपना एसआईआर फॉर्म खुद भरकर अपलोड कर सकता है।

इसके अतिरिक्त इस वेबसाइट पर ही एसआईआर फॉर्म भरने का लिंक भी मिलेगा। इस पर क्लिक करने पर वोटर आईडी कार्ड नंबर मांगा जाएगा। इसे भरकर देने पर नया पेज खुल जाएगा, जिस पर अपना राज्य चुनना होगा और वर्तमान में जो वोटर आईडी कार्ड नंबर है, वह अंकित करना होगा। इसके उपरांत आगे की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। उत्तराखंड के लिए यह लिंक 08 जून से कार्य करना प्रारंभ कर देगा।

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