नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली सहित समूचे एनसीआर में वीरवार सुबह हवाएं चलने लगीं और आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया। नोएडा समेत आसपास के क्षेत्र में चली तेज़ हवा ने लोगों को तेज गर्मी से राहत प्रदान की।
राजधानी समेत एनसीआर में वीरवार सुबह से ही मौसम का मिज़ाज बदला हुआ है। यहां सवेरे से ही तेज हवाएं चल रही हैं और आसमान में बादल छाए हुए हैं। जहां नोएडा में हवा चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं कई जगहों पर धूप भी निकली हुई है।
बीते दिनों भी देर शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया था। यहां तेज धूल भरी आंधी चली और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई। दिल्ली के पालम में 100 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास की रफ्तार से आंधी चली।
दिल्ली और एनसीआर में गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल किया हुआ है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में मौसम बदलने से तपती गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने 10 से 14 जून के मध्य आंधी और बारिश की संभावना व्यक्त की है। यह संभावना राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों के लिए जारी की गई है।
11 जून से प्री-मानसून गतिविधियों के गति पकड़ने की उम्मीद है। पालम में तेज आंधी और बूंदाबांदी की वजह से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाली तीन उड़ानें डायवर्ट की गईं। ये उड़ानें दुबई, मुंबई और अगरतला से दिल्ली आ रही थीं। मौसम बदलने से खराब दृश्यता के चलते विमानों को दूसरे मार्गों पर भेजा गया।
दिनभर चल रहे गर्म हवाओं के थपेड़े दिल्लीवासियों को परेशान किए हुए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों में भी लू चलने के आसार जताए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, 11 जून को एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बना हुआ है जिससे दोपहर बाद और शाम को 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। हल्की बारिश की भी संभावना बन रही है जिससे तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने की उम्मीद है। 12 जून के लिए भी आंधी और हल्की बारिश के दो दौर चलने की संभावना बन रही है।
वहीं हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। मौसम विभाग ने 16 जून तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना बताई है। शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश के लोगों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है, जिससे कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना बन रही है।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। गुरुवार तथा शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज – चमक और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
बीते दिन प्रदेश भर में मौसम साफ रहा और अधिकांश क्षेत्रों में तेज धूप खिली। मैदानी और निचले इलाकों में गर्मी ने लोगों को बेहाल रखा। ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों में लू चलने से दिन के तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसके फलस्वरूप दोपहर के वक्त सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही में कमी देखी गई।
हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कई स्थानों पर वर्षा होने की संभावना बन रही है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि और कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। लगातार बढ़ते तापमान से परेशान लोगों के लिए यह मौसमी बदलाव राहत लेकर आएगा। आगामी दिनों में बारिश और बादलों के छाए रहने से अधिकतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
भीषण गर्मी से झुलस रहे उत्तर प्रदेश में भी मौसम का बड़ा यू-टर्न देखने को मिल सकता है। 11 जून और उसके बाद लू के थपेड़ों से जूझ रहे लोगों को अब तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने यूपी के अधिकांश जिलों में धूल भरी आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि की गंभीर चेतावनी जारी की है।
मौसम बदलने से प्रदेशवासियों को फिलहाल पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आंधी और बारिश के इस सिलसिले के शुरू होते ही राज्य के अधिकतम तापमान में तकरीबन 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह गिरावट उमस और लू से बेहाल लोगों को राहत प्रदान करेगी।
मध्य प्रदेश में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। वीरवार के लिए यहां के 34 जिलों के लिए आंधी-बारिश और 60 किमी प्रतिघंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही छह जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मानसून आने तक मौसम का यह मिजाज बना रह सकने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ है। प्रदेश में सक्रिय दो मौसमीय प्रणालियों की वजह से प्री-मानसून गतिविधियां तेज हुई हैं। बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 1 जून से निरंतर कहीं न कहीं बारिश दर्ज की जा रही है। अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं और मानसून के सक्रिय होने तक प्री-मानसून सिस्टम के प्रभावी बने रहने की उम्मीद है।
