उत्तराखंड : भारतीय सैन्य अकादमी यानि आईएमए की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड में शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में 515 जेंटलमैन कैडेट अंतिम पग पार कर भारतीय सेना और मित्र देशों की सेनाओं का हिस्सा बन जाएंगे।

भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड ऐतिहासिक होगी क्योंकि पहली बार नौ महिला सैन्य अफसर यहां से पासआउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनेंगी। शनिवार को इस कार्यक्रम में कुल 515 जेंटलमैन कैडेट पासआउट होंगे। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी तथा राज्यपाल परेड में मौजूद रहेंगे।

शनिवार को सुबह आईएमए के ऐतिहासिक परेड मैदान में जेंटलमैन कैडेट्स कदमताल करते हुए सेना के अनुशासन, राष्ट्रप्रेम का संदेश देंगे। पासिंग आउट सेरेमनी में हिस्सा ले रहे 515 जेंटलमैन कैडेट में नौ महिला कैडेट सहित कुल 481 कैडेट भारतीय हैं।

उनके साथ 16 मित्र देशों के 34 कैडेट भी पासआउट होकर अपने देश की सेनाओं का हिस्सा बनने का गौरव हासिल करेंगे। यह दूसरा अवसर  है जब कोई महिला राष्ट्रपति आईएमए की परेड में मुख्य अतिथि बनी हैं। पूर्व में प्रतिभा पाटिल भी परेड की सलामी ले चुकी हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंच गई थीं। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राज्यपाल ले. जन गुरमीत सिंह(सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ ने किया। एयरपोर्ट से राष्ट्रपति सड़क मार्ग द्वारा राष्ट्रपति निकेतन पहुंचीं।

इस दौरान कई गणमान्यों व्यक्तियों ने उनसे मुलाकात की। शनिवार को राष्ट्रपति का आईएमए की पासिंग आउट परेड में सम्मिलित होने के पश्चात वहां से दिल्ली रवाना हो जाने का कार्यक्रम है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राजधानी प्रवास की अवधि में देहरादून को नो ड्रोन जोन घोषित किया गया है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त की गई है और चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात हैं।

शुक्रवार को जौलीग्रांट से राष्ट्रपति निकेतन तक उनके काफिले के निर्बाध आवागमन के लिए मार्ग को कुछ समय के लिए जीरो जोन घोषित किया गया था। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने के दौरान संबंधित मार्गों पर यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, लेकिन पुलिस ने व्यवस्था इस प्रकार बनाई थी कि राष्ट्रपति का काफिला आगे बढ़ते ही पीछे का यातायात सामान्य किया जाता रहा। इससे आम लोगों को होने वाली परेशानी को काफी हद तक सीमित किया जा सका।

हरिद्वार रोड़ पर रिस्पना पुल के नजदीक पुलिस ने मानवीय संवेदना दर्शाते हुए राष्ट्रपति के काफिले से पहले एक एंबुलेंस को निकाला जिससे मरीज को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देहरादून आगमन और आईएमए में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड जैसे महत्वपूर्ण सैन्य आयोजन को देखते हुए आईएमए परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े और विशेष इंतजाम किए गए।

इस दौरान राजपुर रोड, आईएमए और अन्य संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई। राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर देहरादून को नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया और कई मार्गों पर यातायात का रूट डायवर्ट रखा गया।

एसएसपी देहरादून के मुताबिक वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने बताया कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान लागू किया गया जिससे लोगों को न्यूनतम असुविधा का सामना करना पड़े।

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