उत्तराखंड : उत्तराखंड में बुजुर्ग महिलाओं का सरकार सहारा बनने जा रही है और इसके लिए योजना बनाकर ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।अब प्रदेश की सरकार बुजुर्ग महिलाओं का सहारा बनेगी। इस कड़ी में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की तरफ से इसके लिए पूरे प्रदेश में बुजुर्ग महिलाओं से संवाद कर सर्वे का काम चल रहा है। इसके बाद योजना का ड्राफ्ट तैयार कर अगले वित्तीय वर्ष से इसे लागू किए जाने की उम्मीद है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के अनुसार, यह योजना गरीब, मध्यम और सक्षम तीनों वर्गों की महिलाओं के लिए प्रारंभ की जाएगी।
प्रदेश में जरूरतमंद महिलाओं को समाज कल्याण विभाग द्वारा अब तक सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन प्रदान की जा रही है। महिलाओं के लिए पोषण या अन्य प्रकार की मदद पर सरकार विचार कर रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, इन महिलाओं के लिए पीएम पोषण योजना के तहत आसपास के स्कूलों में पके भोजन की व्यवस्था की जा सकती है।
सैनिक बहुल प्रदेश में बड़ी संख्या में वीर नारियां निवास करती हैं, साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों की बुजुर्ग महिलाएं भी हैं। इन महिलाओं से बातचीत कर सरकार उनकी जरूरत के मुताबिक मदद करेगी। इसमें इस बात को भी तवज्जो दी जाएगी कि उनके बच्चे उनकी ठीक से देखभाल कर रहे हैं या नहीं।
उत्तराखंड में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बुजुर्ग महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली इन महिलाओं को देहरादून में सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम बनाया गया है।
प्रदेश सरकार महिलाओं पर खास फोकस कर रही है। सरकार ने फरवरी माह में ही मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत अविवाहित, तलाकशुदा, निराश्रित और दिव्यांग एकल महिलाओं को परियोजना में 75 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है। जबकि अब आगामी वित्तीय वर्ष में प्रदेश की सरकार बुजुर्ग महिलाओं के लिए अन्य योजना शुरू करने जा रही है।
