मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में इंदौर के प्रीतमलाल दुआ सभागृह में 6 से 8 फरवरी तक वरिष्ठ फोटोग्राफर हेमशंकर पाठक की तीन दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में रंगीन और श्वेत-श्याम चित्रों के माध्यम से आध्यात्मिक, प्रकृति और वन्यजीवों के विभिन्न पहलुओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
इस प्रदर्शनी की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें फोटोग्राफर पाठक के जीवन भर की तपस्या से निकले 81 चुनिंदा चित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन चित्रों में रंगीन फोटोग्राफी की चमक के साथ-साथ ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों की गहराई भी देखने को मिलेगी। यहां आने वाले दर्शक फोटोग्राफी की तकनीकी कलात्मकता से तो रूबरू होंगे ही, साथ ही उन्हें प्रत्येक तस्वीर में जीवन के स्पंदन और जीवंतता का भी अहसास होगा। यह प्रदर्शनी तीनों दिन दोपहर 2 बजे से रात के 8 बजे तक सभी कला प्रेमियों और आगंतुकों के लिए खुली रहेगी।
अपनी कला यात्रा और इस प्रदर्शनी के विषय में हेमशंकर पाठक का कहना है कि उन्होंने इन तस्वीरों के माध्यम से धर्म, प्रकृति और आध्यात्म के अनूठे पहलुओं को एक सूत्र में पिरोने की कोशिश की है। पाठक के कैमरे की नजर से कहीं भगवान बुद्ध की गहरी ध्यान मुद्रा के दर्शन होते हैं, तो कहीं जंगल के राजा शेर का रौद्र और राजसी स्वरूप दिखाई देता है। उनकी तस्वीरों के संग्रह में प्रकृति की अद्भुत हरियाली की छटा भी बिखरी हुई है और विशाल पहाड़ों की अडिग खूबसूरती को भी बहुत सुंदरता से दर्शाया गया है। पाठक का मानना है कि उनकी खींची गई हर एक तस्वीर अपने आप में एक संपूर्ण कहानी है, जिसे समझने के लिए पारखी नजर की जरूरत है।
प्रदर्शनी के मुख्य उद्देश्य पर पाठक का कहना है कि तस्वीरें वास्तव में बहुत कुछ कहती हैं। अगर कोई दर्शक किसी तस्वीर को एकाग्रता और ध्यान से देखता है तो उसे अनुभव होगा कि वह तस्वीर बिना कुछ बोले ही लाखों शब्दों के बराबर की बात बयां कर देती है। उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि वे अपने प्रत्येक चित्र के द्वारा समाज को एक सार्थक और सकारात्मक संदेश दें। यह छायाचित्र प्रदर्शनी फोटोग्राफी के छात्रों को सीखने का एक अच्छा अवसर तो प्रदान करती ही है, साथ ही आम नागरिकों के लिए भी कला के माध्यम से जीवन दर्शन को समझाती है।
