उत्तराखंड: देश के सीडीएस जनलर अनिल चौहान ने शनिवार को उत्तराखंड में श्रीनगर गढ़वाल का दौरा किया। उन्होंने यहां गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्रों से संवाद के दौरान उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ सैन्यभूमि भी बताया। इस अवसर पर उन्होंने सामरिक सोच को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया।

जनलर अनिल चौहान ने श्रीनगर गढ़वाल के हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में एनसीसी कैडेड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी ग्रहण किया। वह अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में शामिल होने उत्तराखंड पहुंचे हैं।

हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रक्षा स्टाफ प्रमुख यानि सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल वर्दीधारी अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सामरिक सोच को जन-जन तक पहुँचाना समय की मांग है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति व्यापक जन-जागरूकता का विकास हो सके।

अपने उद्बोधन में सीडीएस ने कहा कि वे हमेशा अपने आप को एक विद्यार्थी समझते हैं और जीवन में सरलता को अपनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने सादगी को जीवन की असली तरक्की बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि पचास वर्षों से ज्यादा की यात्रा में संस्थान ने कठोर परिश्रम, सही दिशा और गति के फलस्वरूप उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं।

उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा के मुद्दों पर व्यापक सार्वजनिक विचार – विमर्श होना चाहिए। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित सम्मेलन में विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त स्थानों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने इसे अनवरत परिश्रम का नतीजा बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रशासन और समस्त फैकल्टी को बधाई देते हुए कहा कि छात्रों के सपनों को साकार करने में शिक्षकों की भूमिका अति  महत्वपूर्ण होती है जिससे छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव पड़ती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में स्ट्रैटेजिक कल्चर यानी रणनीतिक संस्कृति को लेकर जो भ्रांतियाँ हैं, उन्हें दूर करने की जरूरत है। रक्षा और सुरक्षा के मुद्दों पर व्यापक सार्वजनिक विचार – विमर्श होना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ सैन्यभूमि बताते हुए कहा कि राज्य इन दोनों पहचान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में प्रमुख भूमिका निभा सकता है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा सीडीएस चौहान को गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के साथ जूनियर लेवल डिफेंस मैनेजमेंट डिप्लोमा के लिए समझौता किए जाने की जानकारी भी दी गई। साथ ही बताया गया कि अन्य सैन्य संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया, जिसमें विभिन्न विभागों के शोधार्थियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सामरिक विषयों पर प्रश्न रखे।

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