उत्तराखंड: उत्तराखंड में चर्चित और इस समय गरमा रहे अंकिता भंडारी हत्याकांड केस में मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेस कांफ्रेंस की। मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को हृदय विदारक बताया और सरकार का पक्ष सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार की मजबूत पैरवी से तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई है। हाल ही में जारी एक ऑडियो क्लिप की सत्यता परखने के लिए एसआईटी गठित की गई है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि दोषी कोई भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा और सरकार अंकिता भंडारी के माता-पिता की इच्छा के अनुसार निर्णय लेगी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और इंसाफ की मांग को लेकर प्रदेश में आए दिन लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। तीन साल पहले हुए इस चर्चित हत्याकांड में किसी कथित वीआईपी की संलिप्तता के अंदेशे के चलते विपक्ष सहित तमाम सामाजिक संगठन सरकार से सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। बीते कई दिनों से उर्मिला सनावर नाम की महिला के सिलसिलेवार वीडियो ने सोशल मीडिया के साथ – साथ पूरे प्रदेश में राजनीतिक तहलका मचा दिया है। उर्मिला अपने वीडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड की परतें खोलने का दावा करने के साथ वीआईपी नामों को लेकर भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कठघरे में खड़ा कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार हर जांच के लिए तैयार है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मंगलवार को सचिवालय मीडिया हाउस में पत्रकारों से बातचीत में सीएम धामी ने कहा कि हाल ही में जारी एक ऑडियो की सत्यता जानने के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। वायरल ऑडियो से सबसे ज्यादा अंकिता के परिजन प्रभावित हुए हैं।
वायरल वीडियो से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भी असहज महसूस कर रहे हैं। उर्मिला आए दिन सोशल मीडिया पर लाइव आकर पार्टी के बड़े नेताओं के नाम लेकर आरोप लगा रही है। टेलीफोन पर की जा रही बातचीत का रिकॉर्ड और तस्वीरें दिखाए जाने से पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। समूचे प्रदेश से लोग सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे इन तथ्यों पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं हैं। पहले पार्टी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कांग्रेस को दोषी ठहराया, तो प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम मीडिया के सामने सफाई पेश करते नजर आए। उन्होंने पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ डालनवाला थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें दोनों आरोपियों पर साजिशन सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो दिखा कर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया गया है।
