छत्तीसगढ़: इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों और राइस मिलर्स को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। सीएम ने मंडियों में लगने वाले शुल्क को अगले एक साल के लिए शून्य करने की घोषणा की है। उन्होंने यह फैसला राइस मिल एसोसिएशन की मांग पर लिया है, जिसका धान कारोबार से जुड़े व्यक्तियों को परोक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर समिट को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का दूसरा संस्करण छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान की विविधता के लिए पूरे देश में विशिष्ट स्थान है। यहां चावल की हजारों किस्में पाई जाती हैं, जो इस राज्य को दूसरे राज्यों से भिन्न बनाती हैं।मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में लगे कई प्रकार के स्टालों का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों के चावल, खासकर दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी अंचलों के उत्पाद लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं।ऑर्गेनिक चावल के क्षेत्र में भी राज्य की प्रगति स्पष्ट दिखाई दे रही है।
सीएम ने यह भी जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ से करीब एक लाख मीट्रिक टन चावल का निर्यात 90 से अधिक देशों में किया जा रहा है। सरकार लगातार धान की खरीदी कर रही है जिससे किसानों को भरपूर समर्थन मिल रहा है। इसके फलस्वरूप उत्पादन में भी निरंतर बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ के चावल को और अधिक देशों तक पहुंचाने का है। उन्होंने विश्वास जताया कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट राज्य के धान और चावल उद्योग के लिए मुफीद साबित होगी।
