उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कार्यरत हजारों आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की सदन में घोषणा की। विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद पर चर्चा में सीएम योगी ने निराश्रित एवं वृद्धा अवस्था पेंशन की घोषणा की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में कार्यरत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भी मानदेय भी बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षामित्रों व अनुदेशकों के हित के लिए भी सरकार काम कर रही है। हाल ही में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों, शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की गई है जिसका लाभ एक अप्रैल से मिलने लगेगा। इसमें पांच लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार तुष्टीकरण नहीं संतुष्टीकरण कर रही है और हमने छह करोड़ से ज्यादा लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया है।

सीएम ने कहा कि पहले कहा जाता था कि देख सपाई, बिटिया घबराई लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब बेटियां रात की शिफ्ट में काम करने के पश्चात सुकून से घर पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि विकास की पहली शर्त रूल ऑफ लॉ है और इसी लक्ष्य को पाने के लिए सरकार ने दृढ़ता से कार्य किया। रिकॉर्ड स्तर पर पुलिस भर्तियां की गईं हैं और महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश में युवाओं के लिए नवीन  योजनाएं प्रारंभ करने के साथ मॉडर्न पुलिसिंग, सुदृढ़ साइबर और फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी विशेष काम किया गया।

उन्होंने कहा कि सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के चलते उत्तर प्रदेश अब फियर जोन से फेथ जोन में बदला है। अब यहां भय का नहीं, आस्था का वातावरण है। लोग सुरक्षा और व्यवस्था पर विश्वास के साथ प्रदेश में आ रहे हैं, रह रहे हैं। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस कल्चर ने नई पहचान बनाई है। दंगों की जगह अब फेस्टिवल और टेंपल आधारित अर्थव्यवस्था तेजी से विकसित हो रही है। जो प्रदेश पहले दंगों और अव्यवस्था के कारण भयभीत था, अब वहां उत्सव और आस्था का वातावरण दिखाई देता है। उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बन गया है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में पर्यटन, हॉस्पिटिलिटी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रदेश अब पारंपरिक उद्योगों तक सीमित न रहकर नई तकनीकों और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में भी तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। प्रदेश ऑटोमेशन और डाटा आधारित निर्णय प्रणाली को अपनाते हुए एआई रोबोटिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में भी कदम बढ़ाए हैं।

उत्तर प्रदेश का युवा स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया के माध्यम से अपनी नई धमक के साथ नई पहचान बना रहा है। आज प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और इसके अलावा 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 8 यूनिकॉर्न हैं। आज प्रदेश के युवा नेतृत्व और इनोवेशन की ताकत को प्रदेश के साथ – साथ समूचा देश देख रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब युवा स्वावलंबन की दिशा में आगे कदम बढ़ाया है और आत्मनिर्भर बनता है, तो बेरोजगारी की दर स्वयं ही कम हो जाती है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से ज्यादा थी, जो अब घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।

सीएम ने एसआईआर के मुद्दे को लेकर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा संवैधानिक संस्थाओं का निरादर कर रही है। वह समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने से नहीं चूक रहे हैं। सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, जोकि अशोभनीय है। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना और अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो हमें संवैधानिक संस्थाओं को भी सम्मान देना चाहिए।

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