मध्य प्रदेश: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के बाद कांग्रेस नेताओं के दौरे के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। काले झंडे लहराए जाने और उत्तेजक नारेबाजी ने माहौल को गरमा दिया। पुलिस को हालात संभालने के लिए बीच बचाव करना पड़ा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इलाके से रवाना किया गया। कांग्रेस नेता दूषित पानी पीने से काल के गाल में समाए लोगों के परिजनों से मुलाकात करने बस्ती में आए थे। वहां पहले से मौजूद भाजपा कार्यकर्ता बस्ती वालों के साथ मिलकर काले झंडे लहराने लगे और उन्होंने वापस जाओ-वापस जाओ के नारे लगाने शुरू कर दिए जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

इसके जवाब में कांग्रेस नेता भी नारेबाजी करने लगे। विवाद की स्थिति बनी तो पुलिस ने मोर्चा संभाला और भिड़ने को तत्पर हो रहे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को अलग किया। करीब एक घंटे तक चले इस हो हंगामे और प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी सम्मिलित थीं। हंगामे और विरोध के बीच ही महिला कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री कुछ पीड़ित परिजनों से मिलने में कामयाब रहे।

टकराव बढ़ने की स्थिति बनने से पुलिस ने सख्ती दिखाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बस्ती से रवाना किया। हंगामे की स्थिति को देखते हुए तीन थानों के पुलिस बल को मौके बुला लिया गया था।

मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई दूषित पानी से मौतों के मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह व पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने तीखी प्रतिक्रिया प्रकट की है। उन्होंने घटना को निंदनीय बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने महापौर के साथ – साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रशासन से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर रोक लगाने की अपील की। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सिर्फ 2 लाख रुपये का मुआवजा देकर 16 मौतों का हिसाब नहीं चुकाया जा सकता। उन्होंने इसे  सरासर अन्याय करार दिया। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी 11 तारीख को इंदौर सहित प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेगी।

वहीं दूसरी ओर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक्शन में आ गए हैं। इंदौर नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करने के बाद उन्होंने अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की है। इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री को निलंबित किया जा चुका है।

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