मध्य प्रदेश: देश का सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर में जहरीला पानी सात से अधिक लोगों की जान का दुश्मन बन गया। भागीरथपुरा इलाके में नर्मदा पाइप लाइन में लीकेज हो जाने से उसमें दूषित पानी मिल गया। दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग गंभीर अवस्था में अस्पतालों में भर्ती हैं। इलाके के क्लीनिक और अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और उल्टी-दस्त से पीड़ित सैकड़ों की संख्या में लोग वहां पहुंच रहे हैं।

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब दूषित पानी पीने के बाद एक के बाद एक लोग उल्टी दस्त का शिकार होने लगे। मिली जानकारी के अनुसार, भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा पाइप लाइन में लीकेज हो गया और उसमें शौचालय का पानी मिल गया जिससे लोगों के घरों तक दूषित पानी पहुंच गया। इस पानी को पीकर लोग बीमार पड़ने लगे। सरकार ने अधिकारिक तौर पर अभी तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि की है।

मुख्यमंत्री ने इस मामले में तत्काल एक्शन लेते हुए जोनल अधिकारी और असिस्टेंट इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाई है। तात्कालिक प्रभाव से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। अभी 50 से अधिक लोग बीमार हैं जबकि 1000 से ज्यादा लोगों का इलाज किया जा चुका है। पीड़ितों की सहायता के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति प्रभावित क्षेत्र में की गई है, जोकि प्रत्येक घर में जाकर बीमार लोगों का पता लगा रहे हैं।

पिछले कई दिनों से क्षेत्रवासी नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन उस पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया और समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन उल्टी-दस्त की शिकायतें तेजी से बढ़ने लगीं और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।

नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में इस विषय में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। जिस मुख्य पाइपलाइन से पूरे भागीरथपुरा में पानी सप्लाई होता है, उसी के ऊपर सार्वजनिक शौचालय बना हुआ है। मुख्य लाइन में लीकेज के कारण ड्रेनेज सीधे पेयजल लाइन में मिल रहा था। इसके अलावा इलाके में कई जगह पानी की आपूर्ति करने वाली लाइन क्षतिग्रस्त मिली, जिसके चलते गंदा पानी घरों तक सप्लाई होता रहा। नई पाइपलाइन लगाने के लिए 4 महीने पहले टेंडर हो गए हैं परन्तु मामला अभी अधर में ही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और बीमार लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने इस मामले में अधिकारियों को जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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