हरियाणा: हरियाणा की स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में देश का पहला कुत्तों का श्मशान घाट तैयार किया गया है। बूढ़ेना गांव में बने इस केंद्र में लावारिस और पालतू कुत्तों के शवों के वैज्ञानिक व मानवीय निपटान की व्यवस्था की गई है। इस केंद्र के स्थापित हो जाने से शहर को गंदगी, दुर्गंध और संक्रमण की समस्या से निजात मिल सकेगी। यह शहर की स्वच्छता और लावारिस व पालतू कुत्तों के प्रति जिम्मेदारी की मिसाल भी पेश करेगा।

इस शमशान घाट के निर्माण में एक पूर्व आईएएस अधिकारी का विशेष सहयोग रहा है। इस शमशान घाट की एक विशेषता यह भी है कि यहां उपलों से कुत्तों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसका संचालन नगर निगम के साथ मिलकर किया जाएगा। सड़कों के किनारे, कूड़े के ढेर या खाली प्लाटों आदि में कुत्तों के शव पड़े रहने से दुर्गंध फैलाने के साथ बीमारी व संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसी परिस्थितियों में यह पहल शहर को बड़ी राहत प्रदान करेगी।

इस श्मशान घाट की एक अन्य विशेषता यह है कि कुत्तों के शव को शमशान घाट तक लाने के लिए मोर्चरी वैन की भी व्यवस्था है। इस व्यवस्था के चलते किसी इलाके में कुत्ते की मौत होने पर लोगों के सामने कुत्ते के शव के निस्तारण के लिए इधर-उधर फेंकने की विवशता नहीं होगी। सूचित किए जाने पर नगर निगम की टीम शव को सुरक्षित तरीके से श्मशान घाट तक पहुंचा देगी।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से सफाई कर्मचारियों और आम नागरिक दोनों को राहत मिलेगी। कुत्तों के शव कूड़े में फेंके जाने से दुर्गंध फैलती है और आवारा जानवरों के साथ इंसानों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराता है।

आंकड़ों के अनुसार, जिले में पालतू और आवारा कुत्तों की संख्या 50 हजार के करीब है। इनमें से रोज ही एक – दो कुत्तों की मौत हो जाती है। ऐसे में उनके शवों के निस्तारण की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। उम्मीद जताई जा रही है कि यह श्मशान घाट रेबीज़ जैसी बीमारियों के फैलने के खतरे को भी काफी हद तक कम करेगा।

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