राजस्थान में हनुमानगढ़ के राठीखेड़ा गांव में बुधवार शाम को अनाज आधारित इथेनॉल फैक्टरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच भिड़ंत हो गई। गुस्साए किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड की निर्माणाधीन फैक्ट्री की चारदीवारी तोड़ दी। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। हंगामा इतना बढ़ गया कि किसानों ने पुलिस और प्रशासन की करीब 16 गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। मौके पर मौजूद कांग्रेस विधायक अभिमन्यू पूनिया भी लाठीचार्ज में घायल हो गए। उन्हें हनुमानगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी भी जख्मी हुए हैं।


दरअसल , चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड ड्यून इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी राठीखेड़ा में 40 मेगावाट का अनाज आधारित इथेनॉल प्लांट लगा रही है। कंपनी का दावा है कि यह प्लांट केंद्र सरकार के इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम को सपोर्ट करेगा। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 2022 से कंपनी का एनवायरनमेंट क्लियरेंस का आवेदन अभी तक पेंडिंग पड़ा है। बिना पर्यावरण मंजूरी के निर्माण कार्य जारी होने से इलाके के किसान लंबे समय से विरोध कर रहे थे। बुधवार दोपहर किसानों ने टिब्बी एसडीएम ऑफिस के सामने बड़ी सभा की। शाम करीब 4 बजे सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर फैक्टरी साइट की ओर कूच कर गए। देखते ही देखते दीवार फैक्ट्री की तोड़ दी गई और किसानों की पुलिस से झड़प शुरू हो गई।

बवाल के बाद टिब्बी कस्बे व आसपास के गांवों में इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है। इलाके में धारा 144 लागू है, सभी स्कूल-कॉलेज और दुकानें बंद हैं। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसान संगठनों का कहना है कि जब तक कंपनी को पर्यावरण मंजूरी नहीं मिलती और स्थानीय लोगों की सहमति नहीं मिलती, तब तक फैक्टरी नहीं बनने देंगे। दूसरी तरफ कंपनी की तरफ से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है।

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