पंजाब : रक्षा उत्पादन सेक्टरों को जल्द ही अग्नि वीरों के रूप में प्रशिक्षित, अनुशासित और कुशल बल मिलने वाला है। वर्ष  2026-27 के मध्य में करीब एक लाख अग्नि वीरों का पहला बैच सेवानिवृत्त हो रहा है। इनमें से कुछ का तो सेना में ही नियमितीकरण हो जाएगा जबकि शेष अग्नि वीरों के लिए सैन्य बलों समेत अलग – अलग विभागों व इकाइयों में रोजगार के अवसर होंगे।

चूंकि यह अग्नि वीर रक्षा क्षेत्र से ही जुड़े हैं इसलिए देश की डिफेंस, एयरोस्पेस व रणनीतिक सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां भी चाहती हैं कि इनकी कुशलता व क्षमताओं का इस्तेमाल किया जाए। यही बात अग्नि वीरों के लिए इस सेक्टर में रोजगार के बड़े अवसर सृजित करने की संभावनाओं को बढ़ा रही है। अग्निवीरों को आसानी से रोजगार उपलब्ध हो इसके लिए सरकार राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा के तहत अग्निवीरों के प्रशिक्षण को मान्यता दिलवाई जाएगी।

भारत के रक्षा सचिव के अनुसार रक्षा कौशल इको सिस्टम में अग्नि वीर बड़ी भूमिका निभाएंगे। अग्नि वीर योजना ने युवा ऊर्जा को दक्षता प्रदान कर देश के लिए अनुशासन और तकनीकी कुशलता का एक विशाल अवसर प्रदान किया है। हर साल हजारों अग्नि वीर आईटी, कम्युनिकेशन टेक्नोलोजी, लॉजिस्टिक्स, वाहन रखरखाव और हथियार संचालन में गहन प्रशिक्षण पूरा कर रहे हैं। अग्नि वीर रक्षा उत्पादन, सुरक्षा प्रौद्योगिकी, साइबर रक्षा और इससे संबंधित उद्योगों के लिए तैयार कुशल मानव शक्ति के रूप में कार्यरत हैं।

रक्षा सचिव का मानना है कि पंजाब अपनी मजबूत मिलिट्री परंपरा के साथ इन अग्निवीरों का बेहतर उपयोग कर सकता है। पंजाब सशस्त्र बलों के बुनियादी ढांचे और वेटरन दिग्गजों का बड़ा केंद्र है मगर अभी तक एक प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में नहीं उभर सका है। दक्षिणी राज्यों में बंगलुरु, हैदराबाद और कोयंबटूर एक मजबूत रक्षा क्लस्टर के रूप में स्थापित हुए हैं जबकि उत्तरी भारत का औद्योगिक आधार इस क्षेत्र में कुछ पिछड़ा हुआ जान पड़ता है। अब पंजाब लक्षित प्रशिक्षण क्लस्टर स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है और यह एक सराहनीय पहल है।

रक्षा सचिव ने पंजाब को डिफेंस इको सिस्टम नेटवर्क स्थापित करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लुधियाना, जालंधर और अमृतसर ऐसे क्षेत्र हैं जहां एमएसएमई, डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और निजी कंपनियों का एक विकसित नेटवर्क बनाया जा सकता है, जिसे चंडीगढ़ में रिसर्च एंड डेवलपमेंट संस्थानों से जोड़ा जाना अच्छे परिणाम दे सकता है।

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