उत्तराखंड : उत्तराखंड में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश की राजनीति को लेकर कहा कि भाजपा ने चुनाव के समय दूसरे दलाें में तोड़ फोड़ की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की राजनीतिक में दल-बदल से आ रही अस्थिरता राज्य के लिए मुफीद नहीं है। चुनाव से वक्त दूसरे दलों में तोड़ फोड़ करने को भाजपा ने आधार बना लिया है। भाजपा दूसरे दलों से तोड़ कर लाए नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं के सिर पर बैठा लेती है चाहे उस पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप क्यों न लगे हुए हों।
उत्तराखंड में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर उन्होंने कहा कि पंचमुखी रुद्राक्ष की भांति पार्टी के पांच नेता गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत और करन माहरा एकसाथ मिलकर पार्टी को निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार कर रहे हैं। उनके साथ मेरी भूमिका सहयोगी के रूप में रहेगी। यदि पार्टी में टीम तैयार है और दूसरे लोग जिम्मेदारी लेने को तत्पर हैं तो मैंने थोड़ा पीछे हटना ही उचित जाना।
राजनीतिक अवकाश पर हरीश रावत ने कहा कि हम चाहते हैं कि पार्टी में नेतृत्व स्पष्ट तौर पर दिखाई दे। यदि उसमें हरीश रावत बैठा है तो उससे लोगों में एक संशय का संदेश जाता है। इसलिए मैंने कहा है कि मैं पार्टी में काम करुंगा, लेकिन चुनाव से मुझे अलग रखा जाए तो यह ज्यादा बेहतर होगा। आज के परिदृश्य में राजनीतिक दलों में दल-बदल अस्थिरता का बड़ा कारण बन रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे चुनाव के समय राज्य व लोगों के असली मुद्दे दब जाते हैं। दल बदल की राजनीति से जनता को कोई लाभ नहीं पहुंचता। मैंने स्वयं भी चार महीने दल बदल के आक्रमण को झेला है।
उन्होंने कहा कि मैं अपने राजनीतिक अनुभवों को आने वाली पीढ़ी के लिए संजोए रखना चाहता हूं। मेरे पास राजनीतिक व क्षेत्रीय अनुभव है। मैं चाहता हूं कि उसे लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ी के लिए संजो कर रखूं परन्तु यह कार्य सक्रिय राजनीतिक में रहकर करना संभव नहीं है। मेरी कोशिश है कि उत्तराखंडियत की सोच को स्वीकार्यता के लिए कार्य करूं। इसलिए कई बार राजनीतिक से हटने या चुनाव न लड़ने की बात करता हूं। 2014 से 2017 तक मुख्यमंत्री रहते हुए मैंने कई पहल की और राज्य की सामाजिक व्यवस्था, रहन-सहन, खानपान को दुनिया में पहचान दिलाने का कार्य किया। मेरे द्वारा की गई कई पहलों को भाजपा सरकार भी अपना रही है या अपनाने जा रही है।
पूर्व सीएम रावत ने कहा कि हमारे पास कई प्रतिभावान नौजवान हैं परन्तु हम उन्हें राजनीति में निखरने का अवसर प्रदान नहीं कर रहे हैं। कुछ नए ऊर्जावान युवा राजनीतिक में आना चाहते हैं, तो उन्हें पार्टी में लिया जाना चाहिए। विधानसभा सीमित समय में चलती है जिससे अच्छे लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इसका खामियाजा राज्य को उठाना पड़ रहा है। आज नई प्रतिभाओं को जोड़ने की आवश्यकता है। हमने सामान्य परिवारों से आए लोगों का राजनीति में मार्गदर्शन कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया।
हरीश रावत ने कहा कि मेरे दिमाग में विरासत जैसे कोई बात नहीं है क्योंकि राजनीति के क्षेत्र में मैंने अपने पुत्र व पुत्री से ज्यादा दूसरे लोगों को तरजीह दी। हमने हर क्षेत्र में कार्य कर समर्थकों को जोड़ा है लेकिन राजनीतिक में कुछ लोग नाराज रहते हैं कुछ लोग आदर्श मानने लगते हैं। मैं कुछ नौजवानों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा हूं जिनमें मेरा पुत्र भी शामिल है।
