नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने अग्निवीरों को अवसर प्रदान करने के लिए आरक्षण की पहल की है। इस हेतु केंद्र की ओर से दिल्ली में राह वीर योजना लागू करने की घोषणा की गई है। 

दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं और एलान से राजधानी में सुरक्षा और सेवा भाव को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में दिल्ली सरकार ने अग्निवीरों को अवसर देने के लिए आरक्षण की पहल की है और केंद्र की ओर से दिल्ली में राह वीर योजना लागू करने की घोषणा की गई है।

उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस (नियुक्ति एवं भर्ती) नियम, 1980 के नियम 9 में संशोधन को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस संशोधन के तहत अब दिल्ली पुलिस में पुरुष कांस्टेबल के पद पर भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। संशोधित नियमों से पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में कई रियायतें भी दी जाएंगी। पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से नियमानुसार छूट दी जाएगी और निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट भी मिलेगी। विशेष रूप से अग्निवीर योजना के पहले बैच के अभ्यर्थियों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से अतिरिक्त पांच साल की छूट प्रदान की जाएगी।

दिल्ली पुलिस में वर्तमान में पुरुष कांस्टेबल के 42 हजार से अधिक स्वीकृत पद हैं। इन पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति होती है और आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। भर्ती नियमों में संशोधन के बाद बड़ी संख्या में पूर्व अग्निवीर इन पदों के लिए पात्र हो सकेंगे। बता दें कि अग्निवीर योजना 2022 में भारतीय युवाओं को सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा के लिए भर्ती करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। अब दिल्ली पुलिस में आरक्षण और आयु छूट की व्यवस्था से पूर्व अग्निवीरों को अर्धसैनिक और सैन्य अनुभव के आधार पर कानून-व्यवस्था तंत्र में समायोजित होने का अवसर मिल सकेगा।

सरकारी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह कदम पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है। इससे दिल्ली पुलिस को प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवयुक्त मानव संसाधन तो मिलेगा ही, साथ ही  पूर्व सैनिकों को समाज सेवा के क्षेत्र में नई भूमिका निभाने का अवसर भी मिल सकेगा।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को घोषणा की, कि केंद्र सरकार की राह-वीर योजना राजधानी में भी लागू की जाएगी। इस योजना के तहत सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर के अंदर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। ऐसे मददगारों को कानूनी संरक्षण भी प्रदान किया जाएगा ताकि वे बिना किसी भय के मानवता के नाते सहायता कर सकें।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में रोजाना लाखों गाड़ियों का सड़कों पर आवागमन होता हैं। हादसों की स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक साबित होता है। उन्होंने कहा कि गोल्डन ऑवर यानी दुर्घटना के बाद का पहला घंटा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है और अगर इस अवधि में घायल व्यक्ति को उचित इलाज उपलब्ध करा कर मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग कानूनी झंझट, पुलिस पूछताछ या अदालत की कार्यवाही के डर की वजह से घायल की मदद करने में संकोच करते हैं। राह-वीर योजना ऐसे सभी डरो को दूर करने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह योजना मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 134ए के तहत अधिसूचित गुड सेमेरिटन नियमों के अनुरूप है, जिनमें स्वेच्छा से सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी सुरक्षा का भी प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि, कोई भी व्यक्ति जिसने किसी गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता दी हो और उसे गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया हो, तो वह इस पुरस्कार के लिए पात्र होगा। प्रत्येक मामले में राह-वीर को अधिकतम 25 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति एक ही दुर्घटना में एक से अधिक लोगों की जान बचाता है, तब भी उसे अधिकतम 25 हजार रुपये ही प्रदान किए जाएंगे। वर्ष भर में चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना न केवल जीवन बचाने की दिशा में एक प्रयास है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को सशक्त करने का एक माध्यम भी है।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर एक मूल्यांकन समिति का गठन किया जाएगा। इसमें जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सम्मिलित होंगे। चयनित व्यक्तियों को पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खाते में ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके लिए अलग से बैंक खाता संचालित किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अंकित किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *