हरियाणा: देश में पिछले काफी समय से हाइड्रोजन ट्रेन चलने का सपना अब पूरा होने वाला है। नए साल के इस पहले महीने में 15 जनवरी के बाद सोनीपत रेललाइन पर ट्रेन चलने की उम्मीदें जताई गई है। हाइड्रोजन ट्रेन शुरू होने के साथ ही जींद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर नई तकनीक अपनाने वाले शहरों में शामिल हो जाएगा। इस परियोजना का सबसे रोमांचक पहलू यह है कि भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद-गोहाना-सोनीपत रेल मार्ग पर दौड़ेगी। यह ट्रैक लगभग 89 किलोमीटर लंबा है। इस ट्रेन की गति 110 से 140 किमी/घंटा होगी और इसमें एक बार में ढाई हजार से ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे।

ट्रेन और हाइड्रोजन प्लांट की टेस्टिंग के लिए लखनऊ से अनुसंधान और विकास संगठन की टीमें भी जींद पहुंच चुकी हैं। यह टीमें प्लांट की मशीनों की जांच कर रही हैं। जांच के बाद ट्रेन के उपकरण व अन्य सामान की टेस्टिंग के बाद इस प्रोजेक्ट को ग्रीन सिग्नल मिल जाएगा। यह ट्रेन पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित की गई है। ब्रॉड गेज लाइन पर चलने वाली 10 कोच के साथ यह दुनिया की सबसे लंबी और सबसे पॉवरफुल हाइड्रोजन ट्रेन है। ट्रेन को एक किलोमीटर की दूरी तय करने में दो किलो हाइड्रोजन खर्च करनी पड़ेगी, जोकि  डीजल गाड़ी से काफी किफायती है। डीजल गाड़ी साढ़े चार लीटर डीजल में करीब एक किलोमीटर की दूरी तय करती है।

हाइड्रोजन ट्रेन की अधिकतम स्पीड 140 किमी प्रति घंटा है। ट्रेन के कोच चेन्नई में स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में तैयार किए गए हैं। जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, कनाडा, स्वीडन के बाद भारत हाइड्रोजन ट्रेन चलाने वाला आठवां देश बन जाएगा। ट्रेन का डिजाइन यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा व बेहतर सफर का आनंद ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ट्रेन के कोच मेट्रो ट्रेन की तरह ही खुलेंगे और बंद होंगे। दरवाजे पूरी तरह से बंद हो जाने के बाद ही ट्रेन स्टेशन से रवाना होगी। इस ट्रेन की एक और खासियत इसका बिना आवाज के चलना है जिससे यात्री आरामदायक सफर का अनुभव कर करेंगे। ट्रेन में पंखे, लाइट और एसी की सुविधा प्रदान की गई है और प्रत्येक कोच में डिस्प्ले स्क्रीन होगी जिससे आने वाले स्टेशन के बारे में पहले ही सूचना मिल जाएगी।

इस हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए पायलटों को चेन्नई और जालंधर में ट्रेनिंग प्रदान की गई है। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीकी और संचालन से जुड़ी बारीकियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया है। पहले ट्रेन का ट्रैक पर ट्रायल किया जाएगा और उसके सफल हो जाने के बाद परिचालन को मूर्त रूप दिया जाएगा। सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं, परन्तु रेलवे ने अभी ट्रेन संचालन और प्लांट के उद्घाटन को लेकर कोई तारीख निर्धारित नहीं की है।

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