हिमाचल प्रदेश: वीरवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू जिस राह पर चल रहे हैं वह सही राह नहीं है और उस पर चलने का अंजाम भी अच्छा नहीं होगा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार बदले की भावना से काम कर रही है। अफसर भी राजनीति में उलझे हैं। उन्होंने भाजपा विधायकों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए अफसरों को सीमाएं न लांघने की चेतावनी भी दी। कांगड़ा कार्निवल के लिए पैसे के लेनदेन को लेकर वायरल पत्र पर भी जयराम ठाकुर ने सवाल किया।
जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री उनका साथ छोड़ चुके कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को सत्ता के दम पर प्रताड़ित कर रहे हैं। हमीरपुर के विधायक के खिलाफ खनन का मामला पुलिस पार्टी बनकर दर्ज करवाती है, जबकि माइनिंग विभाग को इससे कोई भी शिकायत नहीं है। नालागढ़ में केएल ठाकुर और उनके परिवार के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से एक के बाद एक मामले बनाने की कोशिशें हुई। राजेंद्र राणा और उनके परिवार के फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं। इंद्र दत्त लखनपाल के खिलाफ मुख्यमंत्री हर दिन साजिश कर रहे हैं। कांग्रेस में पहले मंत्री रहे सुधीर शर्मा को फंसाने के लिए तो मुख्यमंत्री ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं।
जयराम ठाकुर ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की एक सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र भी किया। साथ ही जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार में अवैध कटान का मामला उठाया था। वहां सैकड़ों हरे पेड़ काटे गए, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने सदन में विजिलेंस जांच करवाने का आश्वासन दिया था, जो आज तक शुरू नहीं हो पाई। मंडी मंडल के धर्मपुर में हजारों पेड़ काट कर लकड़ी डंप कर दी गई। जांच में एक कांग्रेसी नेता के परिजनों का नाम आया, लेकिन आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
