हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 5 रुपए की बड़ी बढ़ोतरी पर विरोध प्रकट किया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का खटाखट मॉडल अब खटारा मॉडल बन गया है। उन्होंने जनहित में कांग्रेस के इस जनविरोधी निर्णय को वापस लेने की बात कही।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में राहुल गांधी व प्रियंका गांधी जी का खटाखट मॉडल अब खटारा मॉडल बन चुका है। यह दिखावटी मॉडल दोषपूर्ण साबित हुआ जिससे प्रदेश की स्थिति और नाजुक हो गई। उन्होंने हिमाचल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राज्य सरकार की तरफ से की गई ₹5 की बढ़ोत्तरी को आम आदमी की जेब पर हमला करार दिया।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से जनता की जेब पर सालाना ₹1000 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा। पहले दो बार में ₹10 से ज्यादा वैट लगाकर कांग्रेस का मन नहीं भरा तो अब 5 रुपए सेस लगा दिया गया, यानि जनता की जेब पर 15 रुपए का भार डालने का काम हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने किया है ।
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के सिर्फ दो महीनों में ही वैट में लगातार वृद्धि की गई। डीजल पर वैट बढ़ाकर 10.40 रुपए कर दिया गया और इसके अतिरिक्त 5 रुपए का सेस भी लगाया गया। यह पहली ऐसी सरकार है जिसने आम आदमी की जेब पर तीन बार लगातार हमला किया। हिमाचल प्रदेश के इतिहास की ये सबसे विफल सरकार साबित हो रही है जिसने प्रदेश के हर वर्ग को सिर्फ ठगने और जनता पर महंगाई का बोझ डालने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि इस सरकार ने पहले पेट्रोल, डीजल, बस किराए व सीमेंट के दामों में बढ़ोत्तरी के पश्चात अब फिर एक बार पेट्रोल डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी कर हिमाचल वासियों की परेशानी बढ़ा दी है। इस सरकार ने सिर्फ जनता पर आर्थिक बोझ लादने और उनका मासिक बजट बिगाड़ने का काम किया है। जनहित में कांग्रेस को इस जन विरोधी निर्णय को तुरंत वापिस ले लेना चाहिए।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज हिमाचल में किसान, ट्रक ड्राइवर, व्यापारी और आम आदमी पेट्रोल डीजल की इस बढ़ी कीमत से कराह उठा है, मगर यह सरकार बेफिक्री की चादर ताने आराम से सो रही है। सरकार के इस निर्णय से हिमाचल में हर तरफ महंगाई की मार बढ़ने के पूरे आसार बन गए हैं।
हिमाचल की कांग्रेस सरकार, मित्रों की मौज सरकार बन चुकी है। आज एक तरह हिमाचल में टैक्स की मार तो दूसरी तरफ कर्ज की मार पड़ रही है, हिमाचल में कांग्रेस सरकार कर्जे की सरकार बन चुकी है। आज हिमाचल पर कुल कर्ज 1 लाख 4 हज़ार करोड़ रुपए की चिंताजनक स्थिति में पहुंच चुका है। इस सरकार ने पिछले 3 वर्षों में सिर्फ 46 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज लेने का कार्य किया है।
