उत्तराखंड : प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी किताबों पर लगभग तीस से चालीस प्रतिशत हुई वृद्धि से आर्थिक दबाव झेल रहे अभिभावकों के लिए एनएपीएसआर बुक बैंक एक बार फिर से सहारा बना है। बुक बैंक के संस्थापक व एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने बताया कि दिन ब दिन महंगी होती जा रही शिक्षा अभिभावकों की पहुंच से बाहर हो रही है और सरकार तथा शिक्षा विभाग इस पर अंकुश लगाने मे नाकाम रहा है। ऐसे में एनएपीएसआर द्वारा संचालित बुक बैंक अभिभावकों को आर्थिक राहत प्रदान कर रहा है। जरूरतमंद कहीं से भी निःशुल्क किताबों की जानकारी हेतु मोबाइल नंबर 7830548108 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

एनएपीएसआर छात्र -छात्राओं के जीवन में ज्ञान का दीपक जला रहा है । इस साल सरकार द्वारा कई कक्षाओं की किताबें बदले जाने के कारण और नई शिक्षा नीति के चलते एवं निजी पब्लिशर द्वारा की गई किताबों के दामों में बेतहाशा वृद्धि के कारण अभिभावकों का बजट गड़बड़ा गया है। ऐसे में बुक बैंक विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सहायक की भूमिका निभा रहा है। इसका सबसे ज्यादा लाभ कम्पटीशन एवं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को हो रहा है। उन्हें प्रतियोगिता की तैयारी के लिए महंगी पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध हो रही हैं।

आरिफ खान के अनुसार, इस साल मार्च के शुरुआत से लेकर अब तक लगभग दो सौ पचास से अधिक बच्चों ने बुक बैंकों से निःशुल्क किताबों का लाभ उठाया है, जबकि अभी बोर्ड का रिजल्ट आना बाकी है। पिछले वर्ष एनएपीएसआर बुक बैंक से बत्तीस सौ बच्चों को किताबें वितरित की गई थीं ओर ये आंकड़ा साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। इस साल ये आंकड़ा और भी अधिक पहुंचने का अनुमान है।

बता दें कि एनएपीएसआर द्वारा पूरे देहरादून जिले में इस समय 13 बुक बैंक संचालित किए जा रहे हैं जिनके माध्यम से प्ले ग्रुप से लेकर हायरएजुकेशन,कम्पटीशन,मेडिकल,बैंकिंग,लॉ,सीए,टीचिंग,एनडीए,आईएस व पीसीएस की किताबें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

पुरानी किताबें के निःशुल्क आदान-प्रदान करने हेतु या अधिक जानकारी के लिए एनएपीएसआर से संपर्क किया जा सकता है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *