हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में सीजन की पहली बर्फबारी ने पर्यटकों और किसानों को गदगद कर दिया है। मंडी जिले की सबसे ऊंची चोटी शिकारी देवी और कमरुनाग में सीज़न की पहली बर्फबारी हुई है। प्रशासन ने शिकारी देवी मंदिर के कपाट पहले ही बंद कर दिए हैं और मंदिर परिसर से दुकानदारों समेत अन्य लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं कमरुनाग मंदिर के कपाट फिलहाल आधिकारिक तौर पर बंद नहीं किए गए हैं। करीब चार महीने बाद पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से किसानों, बागवानों, सैलानियों और पर्यटकों में भारी उत्साह देखने को मिला।

सेब के बगीचों के लिए इस समय बारिश और बर्फबारी बेहद मुफीद साबित होगी। हल्की बारिश और बर्फबारी के बाद किसानों और बागवानों को और अधिक बारिश व बर्फबारी की उम्मीद है। आज हुई बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक सिद्ध हुई है। बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, बर्फबारी और बारिश सेब के पौधों के लिए वरदान है। 

हिमाचल प्रदेश में पहाड़ों पर हिमपात के साथ नए साल का आगाज हुआ और ऊना समेत कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई। बुधवार को नव वर्ष की पूर्व संध्या पर लाहौल के कोक सर, अटल टनल और मणिमहेश सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के चलते रोहतांग के लिए वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार को भी पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। 3 और 4 जनवरी को मौसम साफ रहने के बाद 5 एवं 6 जनवरी को दोबारा मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। लाहौल-स्पीति और कुल्लू के अलावा चंबा और किन्नौर के पर्वतीय क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है।

विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग और आईपीएच विभाग ने बर्फबारी से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी महकमों के अधिकारियों ने अधीनस्थ कर्मचारियों को बर्फबारी से निपटने की तैयारी करने के निर्देश जारी किए हैं।

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