उत्तराखंड: एम्स के ट्रॉमा सेंटर ऋषिकेश में भर्ती कुख्यात विनय त्यागी की उपचार के दौरान आज घटना के तीसरे दिन मृत्यु हो गई। बता दें कि पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेशी पर ले जाते समय बदमाशों ने पुलिस के वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। विनय त्यागी की धोखाधड़ी के एक मामले में लक्सर एसीजेएम कोर्ट में पेशी थी, इसलिए उसे लक्सर कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था। इस हमले के दौरान विनय त्यागी को कुल तीन गोलियां लगी थी। एम्स के पीआरओ विभाग ने आज सुबह विनय त्यागी की इलाज के दौरान मृत्यु की पुष्टि की है।
इस वारदात को बुधवार दोपहर दिनदहाड़े लक्सर-हरिद्वार हाईवे के ओवर ब्रिज पर अंजाम दिया गया था। रुड़की कारागार में बंद विनय त्यागी को कारागार से छह पुलिसकर्मी सरकारी वाहन में पेशी के लिए लक्सर लेकर जा रहे थे। यात्रा के दौरान जब पुलिस वाहन फ्लाई ओवर के बीच में पहुंचा तो यहां जाम के चलते उसे रुकना पड़ा। वाहन के रुकते ही फ्लाई ओवर पर पहले से घात लगाकर मौजूद दो बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने पुलिस के वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। वाहन में मौजूद विनय त्यागी को तीन गोलियां लगी और इस सुनियोजित हमले में पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता बदमाश वारदात को अंजाम देकर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल विनय त्यागी को लक्सर सीएचसी ले जाया गया, जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था।
पुलिस वाहन पर गोलीबारी के आरोपी दो शूटरों को पुलिस ने घटना के दूसरे दिन उत्तराखंड के खानपुर थाना क्षेत्र के जंगल से गिरफ्तार कर लिया था। घटना के मुख्य आरोपी सन्नी यादव उर्फ शेरा निवासी गुलजारपुर थाना काशीपुर ने पैसों के लेनदेन के विवाद में अपने साथी अजय के साथ मिलकर विनय त्यागी की हत्या करने के लिए उस पर गोलियां बरसाने की बात स्वीकार की है। सन्नी और अजय का भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह काशीपुर में एक डकैती के मामले में जेल जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार , मुख्य आरोपी सन्नी और विनय त्यागी के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद था और सन्नी के रकम मांगने पर विनय त्यागी उसकी हत्या करवाने की धमकी दे रहा था। पैसों का यही विवाद इस घटना का कारण बना जिसके चलते कुख्यात की हत्या कर दी गई।
