उत्तराखंड:  शिव और शक्ति के मिलन के पावन पर्व को लेकर देवभूमि उत्तराखंड के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए सुबह से ही मंदिरों में कतारें लगने लगी हैं।उत्तराखंड में महाशिवरात्रि पर हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भगवान आशुतोष का हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। तड़के से ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी है। भोले के भक्तों ने शिवलिंग पर पंचामृत, गंगाजल, सफेद फूल, बेलपत्र, आखा फूल, कमल गंट्टा आदि से पूजन किया।

वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व है। यह पर्व हमें प्रेम, एकता और आध्यात्मिक जागरण की प्रेरणा देता है।

उत्तराखंड में महाशिवरात्रि पर हर-हर महादेव के जयघोष के साथ रविवार सवेरे से ही हजारों श्रद्धालुओं द्वारा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जा रहा है। तड़के से ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी – लंबी लाइनें लगने लगी हैं। भोले के भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, बेलपत्र,  पंचामृत, फूल और कमल गंट्टा आदि समर्पित करके पूजन प्रारंभ किया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व है। यह पर्व हमें प्रेम और आध्यात्मिक ज्ञान की प्रेरणा प्रदान करता है।

राजधानी देहरादून के साथ ही प्रदेशभर के शिवालयों और मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भक्त की उमड़ रहे हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर शिवालयों में भव्य तरीके से सजावट की गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा शिवालयों में सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

महाशिवरात्रि की यह पावन रात्रि मात्र व्रत और पूजन –  कीर्तन का अवसर नहीं, बल्कि साधना, आत्मशुद्धि, और देव कृपा पाने का दुर्लभ संयोग मानी जाती है।

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