हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़े और सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एक स्कूल, एक पाठ्यक्रम योजना को अमल में लाया जाएगा। इसके तहत शिक्षा बोर्ड की तरफ से हर महीने की पढ़ाई के लिए अध्याय भी निर्धारित किए जाएंगे। इसके लिए बोर्ड ने पाठ्यक्रम को समय रहते पूरा करने का खाका इस तरह से तैयार किया है, कि दिसंबर के महीने तक सभी कक्षाओं में संपूर्ण विषयों के सिलेबस को पूरा किया जा सकेगा। इसके पश्चात् दिसंबर में सिलेबस पूरा होने के फलस्वरूप स्कूलों में जनवरी से लेकर मार्च तक का समय रिवीजन के लिए मिल पाएगा। इसका सर्वाधिक लाभ मजबूरीवश शैक्षणिक सत्र के बीच में स्कूल बदलने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा।

स्कूल बदलने की परिस्थिति में विद्यार्थियों को दूसरे स्कूल में भी वही से  पढ़ाई जारी रखने की सुविधा और अवसर मिल जाएगा, जहां से उन्होंने अपने पुराने स्कूल में पढ़ाई छोड़ी थी। योजनाबद्ध तरीके से हर माह पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम की स्कूल शिक्षा बोर्ड निगरानी भी करेगा और योजना के अनुसार पाठयक्रम पूरा न कराने वाले स्कूलों पर शिकंजा भी कसेगा।

सभी स्कूलों में एक समान पाठ्यक्रम पढ़ाए जाने से शिक्षा में समानता आएगी और किसी भी छात्र को अलग-अलग सिलेबस की वजह से नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। शिक्षा बोर्ड की तय की गई मासिक योजना से दिसंबर तक पूरा सिलेबस आसानी से पूरा हो सकेगा और
जनवरी से मार्च तक का समय विद्यार्थियों को रिविजन के लिए मिल जाएगा। रिवीजन का समय मिलने से छात्र बोर्ड और वार्षिक परीक्षाओं दोनों की तैयारी की अच्छी तरह से कर पाएंगे। एकरूप पाठ्यक्रम से पढ़ाने की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और शिक्षकों के लिए भी शिक्षा की नीति बनाना सरल होगा। शिक्षा बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि सिलेबस सही ढंग और समय पर पढ़ाया जा रहा है या नहीं। समय सारिणी के निर्धारित होने से छात्रों पर  सिलेबस पूरा करने का अनावश्यक दबाव नहीं रहेगा। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को एक ही पाठ्यक्रम मिलने से, प्रतियोगी परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं, दोनों में भागीदारी निभाने समान अवसर मिलेगा।

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