उत्तराखंड : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा प्रारंभ होने में मात्र 17 दिन शेष हैं लेकिन इसकी तैयारियों को लेकर किए जा रहे दावे जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं। ऋषिकेश से देवप्रयाग तक बदरीनाथ हाईवे पर 30 से अधिक भूस्खलन जोन सक्रिय हैं लेकिन उनका ट्रीटमेंट कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। कई स्थानों पर मलबा सड़कों के किनारे जमा है और हाईवे किनारे स्वास्थ्य, पेयजल और सार्वजनिक शौचालयों की सुविधा भी पर्याप्त नहीं है।
ऋषिकेश से कौड़ियाला की दूरी करीब 35 किमी है और इस दायरे में तीन स्थानों पर भूस्खलन जोन पर ट्रीटमेंट कार्य चल रहा है। अधिकांश जगहों पर 200 मीटर तक सड़क के दोनों ओर मलबा बिखरा हुआ है। संबंधित विभाग 10 दिनों के भीतर मलबा साफ करने का दावा तो कर रहा है लेकिन धरातल पर जो स्थिति है उसे देखकर लगता है कि मलबा साफ करना विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
ऋषिकेश से कौड़ियाला तक करीब 35 किमी के दायरे में यह राहत की बात यह है कि यहां ईंधन की सुविधा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यहां कई स्थानों पर पेट्रोल पंप हैं और साथ ही ऋषिकेश के अलावा कौड़ियाला में जीएमवीएन गेस्ट हाउस परिसर में ईवी चार्जिंग की सुविधा भी है। इसके चलते इलेक्ट्रिक वाहनों को ईंधन की दिक्कत नहीं होने पाएगी।
कौड़ियाला से देवप्रयाग के दायरे में हाईवे की स्थिति सबसे दयनीय है। तोता घाटी से मुल्या गांव तक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। तोता घाटी इलाका भूस्खलन की दृष्टि से अत्यधिक जोखिम भरा बना हुआ है। चट्टानी मलबे से सड़क कई स्थानों पर संकरी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर यातायात वन-वे में चल रहा है और यात्रियों को बार-बार रुकना पड़ रहा है। कई जगहों पर 250 मीटर तक हाईवे किनारे मलबे के ढेर लगे हैं।
ऋषिकेश के बाद देवप्रयाग में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन इसकी स्थिति दयनीय बनी हुई है। केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन तो है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी है। वर्ष 2020 से 2025 तक देवप्रयाग में करीब 14 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे लेकिन बावजूद इसके यहां स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए कोई बड़े प्रयास नहीं किए गए। सड़क हादसे के दौरान गोल्डन ऑवर में यहां स्वास्थ्य संबंधी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
देवप्रयाग नगर में 11 सुलभ शौचालय हैं जिसमे से 05 सुलभ इंटरनेशनल और 06 नगर पालिका के हैं। सुलभ इंटरनेशनल शौचालय की स्थिति ठीक है लेकिन नगर पालिका के सार्वजानिक शौचालयों में सुधार की जरूरत है। कौड़ियाला में भी सार्वजनिक शौचालय की सुविधा उपलब्ध है।
एनएच अधिशासी अभियंता श्रीनगर के अनुसार, ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर भूस्खलन प्रभावित जगहों पर ट्रीटमेंट कार्य तेजी से किया जा रहा है। बछेलीखाल धौलीधार पर दो मशीनें मलबा हटाने और चौड़ीकरण के कार्य में लगाई गई हैं। अन्य स्थानों पर भी सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है जिससे जाम की स्थिति न बनने पाए। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में ट्रीटमेंट और पुश्ता निर्माण का कार्य दिसंबर तक चलता रहेगा।
