हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और अगले सप्ताह के लिए जारी बर्फबारी के अलर्ट के मद्देनजर पुलिस मुख्यालय की ओर से सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
लाहौल-स्पीति सहित प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और अगले सप्ताह बर्फवारी के लिए जारी अलर्ट के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौसम और यातायात सलाह की अनदेखी करने वालों, प्रतिबंधित और असुरक्षित स्थानों पर रुकने या जानबूझकर खतरा मोल लेने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बता दें कि लाहौल-स्पीति के दारचा, शिंकुला दर्रा और टांडी सहित अन्य क्षेत्रों में सड़क पर जमी बर्फ हादसों का सबब बन रही है। बर्फ से गाड़ियां सड़क पर फिसल कर अनियंत्रित हो रही हैं , जिसके चलते ट्रैफिक जाम होने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम विभाग ने आने वाले समय में यानी अगले सप्ताह, प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है, ऐसे में पुलिस ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
बर्फबारी के दौरान यात्रा से पहले मौसम और सड़क स्थिति की आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही
अनावश्यक यात्रा और रात्रि में सफर से बचने की सलाह भी दी गई है।
यात्रियों को अपने वाहन में पर्याप्त मात्रा में ईंधन, आपात किट, स्नो चेन आदि रखने के लिए कहा गया है। यात्रियों से ढलानों, नदी-नालों, और खुले क्षेत्रों के पास न रुकने और पुलिस व प्रशासन के निर्देशों का हर हाल में पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है।
बर्फबारी के दौरान भूस्खलन, हिमस्खलन और सड़क धंसने का खतरा ज्यादा हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए कैंपिंग, नदी-नालों के किनारे, ढलानों आदि पर रुकने पर पूर्णतया रोक लगाई गई है। विशेष रूप से पर्यटकों के लिए चेतावनी जारी की गई है कि वह सोशल मीडिया या अनधिकृत स्रोतों से मिली सूचनाओं के आधार पर यात्रा करने से बचें। यात्रा से पहले मौसम के पूर्वानुमान और सड़क संबंधित जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। होटल संचालकों और टूर ऑपरेटरों को भी अपने ग्राहकों को सही जानकारी देने के निर्देशित किया गया है। संवेदनशील मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग में इजाफा कर दिया गया है और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराए जाने हेतु पुलिस, होम गार्ड और आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट रहने के लिए निर्देशित किया गया है।
