नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अब QR कोड वाले साइन बोर्ड लगने जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग यानि पीडब्ल्यूडी ने इसकी रूप रेखा तैयार कर ली है। यदि साइन बोर्ड लगने के 10 साल तक इनकी चमक फीकी पड़ती है या इनमें कोई खराबी आती है, तो ठेकेदार या निर्माता को इसे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के बदलना होगा। विभाग के अनुसार,  नए साइन बोर्ड की गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखा जाएगा।

दिल्ली की सड़कों किनारे लगने वाले इन साइन बोर्ड के लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। अब सभी नए रोड़ साइन बोर्ड में QR कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे बोर्ड को स्थापित करने में उच्च गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड के नीचे दाएं कोने में QR कोड लगाना ज़रूरी होगा, जिसे स्कैन करने पर निर्माता कंपनी का नाम, निर्माण की तिथि, इस्तेमाल की गई रिफ्लेक्टिव शीट का कोड और वारंटी समेत अनेक जानकारियां मिल पाएंगी।

नए दिशा निर्देशों के अनुरूप सभी नए टेंडरों में तय किए गए मानकों को शामिल करना अनिवार्य होगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि रिफ्लेक्टिव शीट की वारंटी अवधि अब 10 साल के लिए होगी। कहने का आशय है कि यदि साइन बोर्ड स्थापित करने के 10 साल के भीतर इसकी चमक में कमी आती है या कोई अन्य खराबी आती है, तो ठेकेदार या निर्माता को इसे बिना कोई चार्ज लिए बदलना होगा। विभाग ने बोर्ड की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए रिफ्लेक्टिव शीट को अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप रखा है। डिजिटल प्रिंटिंग के बावजूद भी रंगों की चमक 70 फीसदी बनी रहनी जरूरी है। दस साल की वारंटी अवधि में हर तिमाही में रिफ्लेक्टोमीटर की सहायता से चमक की जांच की जाती रहेगी। चमक कम पाए जाने की स्थिति में ठेकेदार को इसमें तत्काल बदलाव करना होगा। इसके लिए ठेकेदारों पर सख्ती भी बढ़ाई गई है।

मालूम हो कि वर्ष 2024 में सड़क परिवहन मंत्रालय के ऑडिट में यह तथ्य सामने आया था कि राजधानी में विभिन्न एजेंसियों के इन्हें लगाए जाने के कारण साइन बोर्ड का रंग, आकार और डिजाइन एकसमान नहीं था। इसके फलस्वरूप वाहन चालकों को परेशानी होती थी और दुर्घटना की आशंका जोखिम बढ़ जाती थी। इसी परेशानी के मद्देनजर पीडब्ल्यूडी ने अब सभी टेंडरों में QR कोड की शर्त अनिवार्य कर दी है।

अधिकारियों के अनुसार, बोर्ड के QR कोड को पीडब्ल्यूडी सेवा मोबाइल ऐप से भी जोड़ा जाएगा जिसके पहले चरण में सिर्फ सामान्य जानकारी मिले पाएगी। भविष्य में लोग इन कोड को स्कैन करके सड़क, गड्ढे, स्ट्रीट लाइट या साइन बोर्ड से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज करा पाएंगे। साथ ही दिल्ली सरकार सड़क सुरक्षा और त्वरित सहायता को अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हर 500 मीटर पर हेल्पलाइन साइन बोर्ड लगा रही है। सभी प्रमुख सड़क जोन में स्ट्रीट हेल्पलाइन साइन बोर्ड अनिवार्य कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी इमरजेंसी में नागरिकों को तुरंत सहायता प्रदान की जा सके।

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