उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। उत्तराखंड में गणतंत्र दिवस धूम धाम से मनाया जा रहा है। केदारनाथ धाम से लेकर राजधानी देहरादून और राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण सहित समूचा प्रदेश देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है।

प्रचंड ठंड और बर्फबारी के बीच गणतंत्र दिवस पर केदारनाथ धाम में पुलिस और आईटीबीपी के जवानों ने तिरंगा फहराकर मातृभूमि को प्रणाम किया। देहरादून में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने तिरंगा फहराया। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई नेता उपस्थित रहे।इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुलिस अधिकारियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त कई अन्य अधिकारियों को भी उनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रस्तुत की गई विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सबका मन मन प्रसन्न हो गया,  वहीं विभागों की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं एवं राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस को संविधान के निर्माण का महापर्व बताया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भी गणतंत्र दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान निर्माताओं को नमन किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नित नए कीर्तिमान गढ़ रहा है।

राजधानी देहरादून के जौलीग्रांट स्थित दून एयरपोर्ट पर भी धूमधाम से गणतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया। एयरपोर्ट पर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सीआईएसएफ के डॉग स्क्वायड और कमांडो विंग  ने अपने करतब दिखाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। सीआईएसएफ की कमांडो विंग ने विभिन्न हथियारों सहित आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी जांबाजी का प्रदर्शन किया।

77वां गणतंत्र दिवस उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित पतंजलि योगपीठ में भी धूमधाम से मनाया गया। योग गुरु स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ में झंडा फहराकर प्रदेश और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने देश को समृद्ध और विकसित बनाने के लिए सभी देशवासियों से एकजुट होकर परिश्रम करने का आह्वान किया।

स्वामी रामदेव ने कहा कि डॉलर और यूरो की बादशाहत खत्म करने के लिए 140 करोड़ देशवासियों को स्वदेशी का रास्ता अपनाना चाहिए। यदि देशवासी एकजुट हो जाएंगे तो वो दिन दूर नहीं जब एक 1 रुपया 100 डॉलर के बराबर का होगा। साथ ही स्वामी रामदेव ने राजनीतिक दलों को भी एकजुट रहने की नसीहत दी।

बाबा रामदेव ने सभी शंकराचार्यों को प्रणाम करने के पश्चात् कहा कि उनका प्रयास गौमाता को राष्ट्रमाता नहीं बल्कि विश्वमाता का दर्जा दिलाने का है। परन्तु यह कैसे साकार होगा इस पर सबको सामूहिक रूप से मिलकर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में साधु संतों और संन्यासियों को भी भारत रत्न मिलना चाहिए और इसकी शुरुआत स्वामी विवेकानंद, दयानंद और किसी शंकराचार्य से की जानी चाहिए।

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