चंडीगढ़: शहर के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन एक नया कदम उठाने जा रहा है। चंडीगढ़ के सरकारी तथा सिविल अस्पताल के अलावा डिस्पेंसरियों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन यह कदम उठाने जा रहा है। पंजाब की तर्ज पर चंडीगढ़ प्रशासन सेवानिवृत्त डॉक्टरों और प्राइवेट सेक्टर के विशेषज्ञों की घंटों के हिसाब से सेवाएं लेगा।
वर्तमान में शहर के कई सरकारी अस्पताल व डिस्पेंसरी ऐसी हैं, जहां हड्डियों, महिलाओं, ईएनटी के अलावा अन्य कई स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की जगह तैनाती न होने की वजह से खाली पड़ी है। इनमें सीनियर और जूनियर डॉक्टरों के कई पदों पर लंबे समय से भर्ती नहीं हुई है, यहां तक की कई स्वीकृत पोस्ट भी रद्द हो गई हैं।
मुख्य सचिव ने इस संदर्भ में स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि इसको लेकर पॉलिसी बनाकर प्रशासक के पास मंजूरी के लिए भेज दी जाए। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासन रिटायर्ड और प्राइवेट सेक्टर के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को अस्पतालों में हफ्ते में 2 से 3 दिन के हिसाब से ड्यूटी रोस्टर बनाकर चार से पांच घंटे के लिए नियुक्त करेगा। इसके बदले में प्रशासन इन डॉक्टरों को फीस के अदा करेगा, जबकि लोगों से इसके एवज में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार , नए साल में इस नई पॉलिसी की रुपरेखा तैयार कर लागू कर ली जाएगी। इसके लिए प्रशासन पंजाब सरकार के कई मॉडल को स्टडी कर रही है। बता दें कि पंजाब में आम आदमी क्लीनिक भी इसी मॉडल पर चल रही हैं, जहां पर आम आदमी क्लीनिक में सरकार रिटायर और प्राइवेट डॉक्टरों को क्लीनिक में प्रति मरीज देखने के हिसाब से फीस दे रही है।
डॉक्टरों की जॉइनिंग जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक पूरी कर ली जायेगी। इसको लेकर इंटरव्यू चल रहे हैं , जिससे शहर के सरकारी अस्पतालों में कई सीनियर और जूनियर डॉक्टरों की नियुक्ति संभव हो पाएगी।
