चंडीगढ़: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की तरह अब चंडीगढ़ में भी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का सपना पूरा होने जा रहा है। जमीन की सीमित उपलब्धता और बढ़ रही आवासीय जरूरत को देखते हुए यहां के प्रशासन ने शहर में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण की दिशा में प्रयास शुरू कर दिया है।
प्रशासन ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और फ्लोर एरिया अनुपात में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। अगर केंद्र से इस पर मुहर लग जाती है तो चंडीगढ़ में भी आने वाले नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में बहुमंजिला इमारतें नजर आएंगी। प्रशासन के अनुसार, मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनने से लोगों को फ्लैट्स के अधिक विकल्प मिलेंगे और फ्लोर वाइज प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों को भी यह एक बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
प्रशासन की योजना के अनुरूप, सेक्टर-53 में प्रस्तावित नया हाउसिंग प्रोजेक्ट इस नए कंसेप्ट का मॉडल बनेगा जिसमें मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए यहां की जमीन को प्लॉट के आधार पर ई-ऑक्शन के द्वारा डेवलपर को दे दिया जाएगा। डेवलपर इस पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर फ्लैट्स का निर्माण करेगा और फिर इन फ्लैट्स को बाजार दर पर विक्रय कर दिया जाएगा।
इसके लिए प्रशासन ने सेक्टर-53 स्थित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की करीब नौ एकड़ भूमि को निजी डेवलपर को नीलाम करने का फैसला किया है। यदि प्रस्तावित योजना के अनुरूप मामला आगे बढ़ा है तो यह चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के इतिहास में पहली बार होगा, जब किसी निजी डेवलपर को आवासीय निर्माण और फ्लैट्स के आवंटन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। योजना मार्च तक इस जमीन की नीलामी प्रक्रिया पूरी करके प्रोजेक्ट प्रारंभ करने की है। यह संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ नियमानुसार की जाएगी। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2008 में भी चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने एक डेवलपर के साथ आईटी पार्क क्षेत्र में टाउनशिप के लिए एक जॉइंट वेंचर के लिए प्रयास किया था, लेकिन वह परियोजना मुकाम तक नहीं पहुंच पाई थी।
लंबे समय से चंडीगढ़ में कोई नया बड़ा हाउसिंग प्रोजेक्ट प्रारंभ नहीं हो सका, फलस्वरूप खरीदारों और निवेशकों का रुझान मोहाली और पंचकूला की तरफ ज्यादा हो गया है। ऐसे में सेक्टर-53 के नए प्रोजेक्ट को बाजार में बेहतर रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की नीड-बेस्ड चेंज नीति की समीक्षा भी की जा रही है जिसके लिए समिति का गठन किया गया है। माना जा रहा है कि नीड-बेस्ड चेंज में मिलने वाली संभावित छूट की वजह से भी सेक्टर-53 के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट लाभान्वित रहेंगे।
