छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले को 09 जनवरी से प्रारंभ हो रहे देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी की मेजबानी प्राप्त हुई है। ग्राम दुधली में 146 एकड़ क्षेत्र में अस्थायी शहर बसाया गया है, जहां हजारों बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
इस कार्यक्रम के लिए तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं और बच्चे इस जंबूरी में पहुंचकर काफी प्रफुल्लित हैं। बच्चों ने बताया कि उनके दूसरे घर जैसा है और उन्हें समय पर भोजन के साथ अच्छी व्यवस्था मिल रही है। यहां आयोजन के दौरान प्रस्तुति देने के लिए नौ हजार बच्चे सुवा और डंडा नृत्य के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
बालोद जिले का दुधली ग्राम एक ऐसे भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है, जो एक श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करता नजर आएगा। इसके लिए प्रशासन और आयोजक, दोनों पूरी तरह से तैयार हैं। दुधली के भव्य मैदान जो 146 एकड़ में बनाया गया है जिसमें भव्य डोम शेड से लेकर एक अस्थाई शहर तक बसाया जा चुका है। इस स्थान पर देश भर से आए बच्चे अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे।
बालोद जिले के आयुक्त के अनुसार, समारोह का आयोजन 146 एकड़ में किया जा रहा है और सबको विभिन्न जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। बालोद अब राष्ट्रीय गौरव बनने जा रहा है।
एक भारत श्रेष्ठ भारत विषय पर यहां पर एक भव्य नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए सभी बच्चे एक मंच पर आकर रिहर्सल कर रहे हैं। बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा है। भले ही वे अलग-अलग जगह से आए हैं और उनकी बोली व भाषाएं भिन्न हैं, लेकिन सबके मन में केवल जंबूरी और रोवर रेंजर्स की सफलता का ही उद्देश्य है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रशासन भी कमर कस चुका है। आयुक्त, आईजी, पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर सभी मैदान में उतरकर कार्य कर रहे हैं।
मुख्य समारोह स्थल ऐरिना होगा। इसके अलावा जंबूरी में शामिल होेने वाले रोवर एवं रेंजर के द्वारा विभिन्न गतिविधियां की जाएगी। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, आम नागरिकों, मीडिया कर्मियों आदि के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा चुकी है। विभिन्न विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं। समारोह स्थल पर बड़ी मात्रा में आरओ भी लगाए जा रहे हैं।
संभागायुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक ने जंबूरी स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधीनस्थों को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।
