राजस्थान: राजस्थान विधानसभा में विज्ञान संकाय और शिक्षकों की नियुक्ति पर सवाल को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और विपक्ष में गरमागरम बहस हुई। दिव्यांग स्कूटी वितरण पर भी टकराव की स्थिति रही। स्पीकर के हस्तक्षेप के बीच प्रश्नकाल हंगामे के साथ चला।
राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकारी स्कूलों में विज्ञान संकाय खोलने और शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सवाल पर खूब हंगामा हुआ। जब शिक्षा मंत्री से संबंधित आंकड़े मांगे गए तो उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाने प्रारंभ कर दिए, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार रिक्त पदों को भर रही है और आगामी सेवानिवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार द्वारा स्कूल तो खोले गए, परन्तु शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई।
बहस बढ़ने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से पूछे गए प्रश्न का जवाब देने के लिए कहा। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल दोहराते हुए पूछा कि पिछले दो वर्षों में कितने विज्ञान संकाय खोले गए और कितने पदों पर नियुक्तियां हुईं। इस दौरान मंत्री और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई । मंत्री ने पूर्व सरकार पर तबादलों में अनियमितताओं के आरोप भी लगाए, जिस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्री सदन को गुमराह करने का काम कर रहे हैं और तथ्यों के आधार पर जवाब देना चाहिए। इस पर मंत्री ने बताया कि पहली बार 3880 और दूसरी बार 970 पद स्वीकृत किए गए हैं।
प्रश्नकाल के दौरान दिव्यांगों को स्कूटी वितरण से जुड़े सवाल पर भी जोरदार बहस हुई। भाजपा विधायक के पूरक प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने पिछली सरकार के समय हुए विलंब का उल्लेख किया और समाधान का आश्वासन दिया। जब नेता प्रतिपक्ष सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो सरकारी मुख्य सचेतक ने उन्हें टोक दिया, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई और स्पीकर से व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।
इसके पश्चात अविनाश गहलोत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद और गहरा गया। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि सदन में पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी के फलस्वरूप विपक्ष में प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि राजनीतिक टिप्पणियों के बजाय सवाल का सीधा जवाब दिया जाना चाहिए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही चलती रही।
