नई दिल्ली : आज भारतवर्ष में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित किए गए समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला लॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा इस गौरवशाली लम्हे के गवाह बने। देश के राज्यों में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथियों का पीएम मोदी ने स्वागत किया। इसके पश्चात् सैन्य परेड की शुरुआत हुई जिसकी थीम विविधता में एकता है। सेना के हेलिकाप्टर से पुष्प वर्षा की गई। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर कर्तव्य पथ पर एक विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें पूरे भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोकर पेश किया गया, जिसे देखकर दर्शक खुशी और देशभक्ति की भावना से भर उठे।
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी की थीम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर रखी गई थी, जिसमें मातृभूमि के प्रति प्रेम और सम्मान को प्रदर्शित किया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी में सूचना के क्षेत्र में देश के विकास की गति को बड़े ही मनमोहक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने भी वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने को अपनी झांकी में प्रदर्शित किया।
कर्तव्य पथ पर विद्युत मंत्रालय की झांकी भी निकाली गई। इस झांकी में स्मार्ट पावर, स्मार्ट होम का थीम रखा गया। मध्य प्रदेश की झांकी में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को परिलक्षित किया गया। ओडिशा की झांकी की थीम परंपरा से प्रगति रहा, जिसमें महिला विकास दिखाया गया। मणिपुर की झांकी में राज्य की जैविक खेती को झलक देखने को मिली। राजस्थान की झांकी में दस्तकारी और राज्य की समृद्ध संस्कृति को दर्शाया गया।
पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान और उनके योगदान को प्रदर्शित किया गया। पंजाब की झांकी में गुरुद्वारे की प्रतिकृति से राज्य की आध्यात्मिक शक्ति को भी बखूबी परिलक्षित किया गया। हिमाचल प्रदेश की झांकी में राज्य के शूरवीरों को नमन किया गया और साथ ही राज्य की संस्कृति को भी दिखाया किया गया। जम्मू कश्मीर की झांकी में राज्य की समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन किया और साथ ही कृषि और केसर की खेती को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
एनडीआरएफ की झांकी में राष्ट्र में आपदा से निपटने के लिए सक्षम होती जा रही क्षमता को दिखाया गया। इसके पश्चात शिक्षा मंत्रालय की झांकी का नंबर आया जिसमें पीएम श्री स्कूल को परिलक्षित किया गया।
सांस्कृतिक झांकियों में आयुष मंत्रालय की झांकी में भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को दर्शाया गया। इसके बाद कौशल विकास उद्यमशीलता की झांकी आई। छत्तीसगढ़ की झांकी में डिजिटल विकास और बलिदानियों के प्रति सम्मान को परिलक्षित किया गया।
गृह मंत्रालय की झांकी में भारतीय न्याय संहिता को लागू करने और गुलामी की सोच को मिटाने को परिलक्षित किया गया। उत्तर प्रदेश की झांकी में राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को प्रदर्शित किया गया।
