नई दिल्ली: उत्तर भारत में मौसम फिर से करवट बदलने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते पश्चिमी हिमालयी राज्यों में 13 से 16 फरवरी के बीच बारिश और बर्फबारी के आसार बन रहे हैं। इससे हिमाचल और ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ जाएगी। वहीं मैदानी क्षेत्रों में तापमान बढ़ेगा जिससे सर्दी कम होगी। कुछ इलाकों में कोहरा छाने की भी उम्मीद है।
उत्तर भारत में मौसम की यह करवट सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायुमंडल में बने ट्रफ के कारण मानी जा रही है। पहाड़ों पर ठंड में दोबारा से तेजी देखी सकती है, जबकि मैदानों में इसका कोई असर दिखाई नहीं देगा।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 13 से 16 फरवरी के मध्य उत्तराखंड, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बन रही है। इसके विपरीत उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप निकलेगी जिससे दिन का तापमान बढ़ जाएगा। अभी से ही न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और उससे सटे उत्तर पाकिस्तान के ऊपर करीब 03 किलोमीटर ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार बन रहा है। साथ ही मध्य और ऊपरी स्तर पर एक ट्रफ सक्रिय हो गया है। एक पश्चिमी विक्षोभ पहले से असर में है और दो नए कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 13 से 16 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इन सिस्टम की सक्रियता की वजह से पहाड़ी राज्यों में बादल, बारिश और बर्फबारी की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है। रोहतांग दर्रा और शिंकुला दर्रा क्षेत्र में नई बर्फ गिरने की सूचना है। लाहौल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड किया गया है, जोकि इस समय के हिसाब से काफी कम है। कई मैदानी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा भी देखा जा रहा है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो रही है।
उत्तराखंड के ज्यादातर जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन मैदानी इलाकों में सुबह और शाम के वक्त कोहरा छाया रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक पूर्वी भारत के कई राज्यों में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाने की संभावना है। उसके बाद तापमान लगभग स्थिर बने रहने की उम्मीद जताई गई है।
