नई दिल्ली : मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली और आसपास के अलग-अलग हिस्सों में एक बार फिर से तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे पारे में गिरावट आएगी। मौसम विभाग ने सप्ताहांत के इस बदलाव को देखते हुए दिल्ली और एनसीआर में सोमवार के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने सोमवार को मौसम बिगड़ने की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली और आसपास के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है, जिससे पारे में गिरावट आ जाएगी।
क्षेत्र में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 31 मार्च को भी दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना व्यक्त की है। आसमान में बादलों के छाए रहने का भी अनुमान जताया गया है।
हालांकि रविवार को दिनभर तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा था। इस दौरान लोग पसीने से तरबतर दिखाई दिए। सुबह से ही निकल रही तीखी धूप ने लोगों को काफी परेशान किया जबकि मौसम विभाग ने रविवार के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया हुआ था। इस दौरान अधिकतम तापमान 36 डिग्री के पार और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री के करीब दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मार्च में यह असामान्य मौसम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे पश्चिमी विक्षोभों की एक श्रृंखला से जुड़ा हुआ है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि इसके पश्चात दिल्ली में पहली और दो अप्रैल को मौसम सामान्य रहेगा लेकिन बादल छाए रह सकते हैं। इन दोनों ही दिन तापमान में बढ़ोतरी देखी जाएगी। इसके बाद तीन अप्रैल को मौसम बदलने और बारिश के चलते इसमें कमी आने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग ने 3 और 4 अप्रैल को दिल्ली में चमक गरज के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना जताई है जिससे मौसम एकबार फिर सुहावना होने की संभावना है। इस दौरान दिल्ली में तकरीबन 25 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार, इस सप्ताह राजधानी का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से आगे नहीं जाएगा।
हवा की गति धीमी होने की वजह से दिल्ली का AQI खराब श्रेणी की दहलीज पर पहुंच गई है और रविवार को यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 199 दर्ज हुआ। यह हवा की मध्यम श्रेणी है जिसमें शनिवार की तुलना में 45 सूचकांक की वृद्धि दर्ज हुई है।
वहीं दूसरी ओर, एनसीआर में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित दर्ज की गई। यहां का AQI 260 दर्ज किया गया जोकि हवा की खराब श्रेणी को दर्शाता है। एनसीआर में फरीदाबाद की हवा सबसे साफ दर्ज हुई जहां सूचकांक 172 दर्ज किया गया। यह सूचकांक हवा की मध्यम श्रेणी के अंतर्गत आता है।
