हिमाचल प्रदेश :  हिमाचल प्रदेश में अप्रैल महीने की शुरुआत में भी ठंड पूरी तरह से समाप्त नहीं हुई है। शिमला सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।

प्रदेश की राजधानी शिमला समेत लगभग सभी क्षेत्रों में गुरुवार को मौसम साफ रहा और प्रदेश का अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम में बदलाव आने की संभावना है। 03 और 04 अप्रैल को शिमला, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा और मंडी के कई क्षेत्रों में अंधड़-ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूरे  प्रदेश में आठ अप्रैल तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जारी हुआ है।

इस दौरान तापमान में भी गिरावट दर्ज होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक राज्य में अगले 06 दिनों तक बारिश होने का पूर्वानुमान है। राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी की संभावना भी बन रही है। मौसम विशेषज्ञों के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 से 16 अप्रैल के मध्य भी उच्च पहाड़ी व आसपास के मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में दो – एक स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है।

इस वर्ष मार्च में कई जिलों में सामान्य से 17 फीसदी कम यानि 94 मिलीमीटर के करीब बारिश हुई। परन्तु शिमला, सोलन, ऊना, बिलासपुर, मंडी और सिरमौर जिलों में सामान्य से ज्यादा वर्षा हुई। कांगड़ा, कुल्लू और हमीरपुर जिलों में सामान्य, जबकि चंबा, किन्नौर तथा लाहौल-स्पीति जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई। साथ ही मार्च में राज्य के मंडी जिले में तीन दिनों तक घना कोहरा छाया रहा। इसी प्रकार मध्य मार्च में मंडी, ऊना और कांगड़ा जिले में कुछ स्थानों पर और 20 मार्च को कल्पा, ऊना, मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर और चंबा जिले में कुछ स्थानों पर बहुत ज्यादा सर्दी देखने को मिली।

हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मार्च में पिछले 125 वर्षों के इतिहास में 56वीं सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। गुरुवार को माैसम विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में इसका खुलासा हुआ है। विभाग के मुताबिक प्रदेश में मार्च के कई दिनों मौसम शुष्क रहा, जबकि कुछ दिनों में हल्की बारिश हुई। ज्यादातर दिनों में मौसम की गतिविधियां कमजोर रहीं, लेकिन पांच दिनों तक मौसमी गतिविधियां सामान्य और सक्रिय रहीं। इस दाैरान प्रदेश में 1901 के बाद से मार्च में 56वीं सबसे ज्यादा बारिश 93.6 मिलीमीटर दर्ज की गई है। विदित हो कि मार्च में 1901 के बाद से अब तक की सबसे ज्यादा बारिश वर्ष 1948 में दर्ज की गई थी जोकि 382 मिलीमीटर थी।

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