नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बड़ा निर्णय लिया गया। इस निर्णय के तहत विधवा और दिव्यांग पेंशनधारकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सम्मिलित कर दिया गया है जिससे 5 लाख से अधिक लाभार्थियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का सीधा लाभ मिल पाएगा। सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार का यह निर्णय स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार से पेंशन प्राप्त करने वाली विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। अब इनके परिवार भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से लाभांवित हो सकेंगे। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह निर्णय लाखों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सीधा बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है
सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। निर्णय के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि विधवा पेंशन की करीब चार लाख लाभार्थी महिलाओं और दिव्यांग पेंशन के लगभग एक लाख तीस हजार लाभार्थियों को सीधा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प स्पष्ट है कि दिल्ली का कोई भी गरीब, कमजोर या जरूरतमंद नागरिक इलाज से वंचित न रहने पाए। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है और दिल्ली सरकार ने इसे और ज्यादा प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस निर्णय के पश्चात लगभग साढ़े पांच लाख अतिरिक्त परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था के नीचे आ जाएंगे। ये परिवार पहले से योजना का लाभ ले रहे अंत्योदय अन्न योजना एएवाई और प्राथमिकता पीआरएस श्रेणी के परिवारों, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्पर्स के अलावा होंगे। इस तरह दिल्ली में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा अभूतपूर्व रूप से बढ़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के विजन को साकार करने की दिशा में उठाया गया एक सशक्त कदम है। प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत के माध्यम से देश के करोड़ों गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का अधिकार प्रदान किया है और दिल्ली सरकार उसी जनकल्याणकारी सोच की भावना को आगे बढ़ाते हुए राजधानी में हर पात्र व्यक्ति तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है कि कोई भी पात्र नागरिक गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहने पाए। यह निर्णय सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि दिल्ली के जरूरतमंद परिवारों के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा संकल्प भी है। यह पहल एक स्वस्थ, संवेदनशील और समावेशी दिल्ली के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम है, जहां विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पीछे न छूटने पाए।
