मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के इंदौर में नि:शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण योजना की 14वीं बैच का प्रशिक्षण कार्य पूर्ण हो गया है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर 40 महिलाएं प्रमाणित ड्राइवर बन गई हैं। कुल मिला कर अब तक 500 से अधिक महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। कई महिलाएं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन गई हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में इंदौर की यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसमें निर्धन और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए संचालित नि:शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गई। इस बैच में 40 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर प्रमाणित ड्राइवर बनाया गया। यह योजना परिवहन विभाग और आईटीआई के संयुक्त प्रयासों से संचालित हो रही है। अब तक कुल 500 से अधिक महिलाएं इस प्रशिक्षण का लाभ उठा चुकी हैं। इससे पहले के 13 बैचों में 469 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था, जबकि 14वीं बैच के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के पश्चात यह संख्या 500 के पार निकल गई है।
कोरोना महामारी के बाद उत्पन्न रोजगार संकट को ध्यान में रखते हुए इस पहल की शुरूआत की गई थी। झुग्गी-बस्तियों और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए यह योजना नई उम्मीद लेकर आई है। कई महिलाएं अब ई-रिक्शा चलाकर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जबकि कुछ वाहन शोरूम और निजी संस्थानों में ड्राइवर या सहायक के रूप में कार्य कर रही हैं। वर्तमान बैच का प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आरटीओ, आईटीआई के प्रभारी अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस योजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशिक्षण पूरी तरह चरणबद्ध और व्यावहारिक है। इसमें पहले ड्राइविंग सिम्युलेटर पर बेसिक कंट्रोल सिखाया जाता है, जिसके बाद वास्तविक ट्रैक पर अभ्यास कराया जाता है। प्रशिक्षण में यातायात नियम, सड़क सुरक्षा, वाहन रखरखाव और व्यवहारिक परिस्थितियों की जानकारी दी जाती है। लर्निंग लाइसेंस से लेकर परमानेंट लाइसेंस तक की पूरी प्रक्रिया विभाग द्वारा पूर्ण कराई जाती है।
इस योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। अब तक 25 से अधिक महिलाओं को सीएसआर फंड के माध्यम से 25-25 हजार रुपये की सहायता प्रदान कर ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए गए हैं। संपन्न हुए वर्तमान बैच की जरूरतमंद महिलाओं को भी ई-रिक्शा दिलाने में सहायता प्रदान की जाएगी।
