उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों यानि ईआरओ को मतदाता सूची में दर्ज पतों को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह गलती सभी मतदान केंद्रों की सूची में मौजूद है। सूची में विभिन्न बिना आपस में संबंधित व्यक्तियों के नामों के सामने एक जैसा मकान नंबर लिखा जाना बहुत ही आम गलती है। दशकों से चली आ रही यह असंतोषजनक स्थिति एसआईआर की वजह से उत्पन्न नहीं हुई है, क्योंकि गणना चरण में मतदाता के किसी भी विवरण में संशोधन नहीं किया गया है।
इस समस्या से पूरी तरह से निजात पाने के लिए सभी पोलिंग स्टेशनों के मतदान क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में स्पष्ट अनुभाग बनाए जाएं, जिससे न केवल मतदाता पर्ची बांटने के लिए वोटरों को ढूंढने में आसानी होगी, बल्कि असंबंधित लोगों के मकान नंबर एक समान होने की समस्या से भी कुछ हद तक निजात मिल सकेगी। बीएलओ को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने क्षेत्र के सारे बूथों की वोटर लिस्ट को सावधानी पूर्वक पढ़कर इस तरह की त्रुटियां को दुरुस्त करेंगे।
सीईओ ने कहा कि ऐसी गलतियां होने की कई वजह होती हैं। सबसे प्रमुख वजह यह है कि सभी गांवों में किसी भी मकान का और शहरों में बहुत से मकानों का कोई नंबर निर्धारित नहीं होता। यही वजह है कि गांवों में मकान को काल्पनिक नंबर दे दिया जाता है। शहरों में मकान नंबर के स्थान पर शून्य या 00 लिखे जाने का चलन आम है।
इस विसंगति का प्रमुख कारण वोटर लिस्ट के भागों को सही प्रकार से पर्याप्त संख्या में स्पष्ट अनुभागों में न बांटा जाना है। सीईओ ने बताया कि अब इस स्थिति में सुधार लाने के लिए सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है।
