मध्य प्रदेश : मध्य प्रदेश में नौतपा के मध्य मौसम ने पूरी तरह करवट बदल कर यूटर्न लिया है। भोपाल समेत कई जिलों में बारिश हुई है और 45 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। 8 जिलों के लिए ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। अगले चार दिनों तक प्रदेशभर में राहत भरा परंतु अस्थिर मौसम बने रहने की संभावना जताई जा रही है।

आमतौर पर नौतपा का नाम जहन में आते ही भीषण गर्मी और लू का ख्याल आता है, लेकिन इस बार मध्य प्रदेश में तस्वीर इसके एकदम उलट दिखाई दे रही है। मई के अंतिम दिनों में जहां प्रदेश के कई शहर 45 से 47 डिग्री सेल्सियस का तापमान झेल रहे थे, वहीं अब आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का पूरा समीकरण बदल कर रख दिया है। राजधानी भोपाल में रविवार सुबह से ही बूंदाबांदी हो रही है, जबकि प्रदेश के लगभग सभी जिलों के लिए मौसम विभाग द्वारा बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

राजधानी भोपाल में आधी रात के उपरांत तकरीबन 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली जिससे शहर के अधिकतर हिस्सों में बिजली गुल हो गई।

पिछले 48 घंटों से प्रदेश में तीव्र प्री-मानसून गतिविधियां बनी हुई हैं। शुक्रवार शाम से शनिवार रात्रि तक मध्य प्रदेश के आधे से अधिक हिस्से में बारिश हुई। टीकमगढ़ में सबसे ज्यादा पानी गिरा, जबकि दतिया और नौगांव में भी अच्छी बारिश हुई। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, गुना, धार, रतलाम सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जबकि श्योपुर में ओलावृष्टि हुई।

मौसम में आए बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर नज़र आ रहा है। छतरपुर जिले का नौगांव, जो कुछ दिन पूर्व तक प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में सम्मिलित था, वहां पिछले तीन दिनों में तापमान करीब 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। 27 मई को यहां का अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया था, जो अब घटकर 35.5 डिग्री पर पहुंच गया है। दतिया में भी तापमान में उल्लेखनीय गिरावट हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के 20 शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है।

प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी मौसम का असर स्पष्ट नज़र आ रहा है।पिछले सप्ताह तक जहां इन शहरों में लू जैसे हालात बने हुए थे, वहीं अब बादलों और बारिश ने लोगों को राहत प्रदान की है। हालांकि नरसिंहपुर अभी भी 43 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सर्वाधिक गर्म शहर बना हुआ है।

मौसम विभाग की ओर से जारी ओरेंज अलर्ट के अनुसार देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल में ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। साथ ही  भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत 45 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

आमतौर पर नौतपा के दौरान मध्य प्रदेश के कई जिले भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में रहते हैं, लेकिन इस बार मौसम का ट्रेंड बदला हुआ है। 25 मई से प्रारंभ हुए नौतपा के शुरुआती दिनों में गर्मी ने जरूर तेवर दिखाए, परंतु मई के अंतिम सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों की सक्रियता ने पूरे प्रदेश का मौसम बदल दिया। इस वजह से रविवार को किसी भी जिले में लू का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए पूर्वानुमान के मुताबिक 3 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रह सकता है। कई जिलों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्कता बरतने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।

नौतपा के बीच मध्य प्रदेश के साथ – साथ छत्तीसगढ़ के लोगों को भी भीषण गर्मी से कुछ राहत प्रदान हुई है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट आई है। राजधानी रायपुर सहित कई प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।

शनिवार को प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार दुर्ग प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के नजदीक रिकॉर्ड किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज हुआ है।

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदेश में सक्रिय विभिन्न मौसम प्रणालियों और बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के चलते वातावरण में बदलाव दृष्टिगोचर हो रहा है। इसकी वजह से आने वाले समय में कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना बन रही है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर अंधड़ चलने के साथ – साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

राजधानी रायपुर में रविवार को मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बने रहने की संभावना व्यक्त की गई है। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और कुछ इलाकों में बारिश या तेज हवाएं चल सकती हैं। लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मौसम में आया यह बदलाव लोगों को राहत प्रदान कर रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बदलते मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

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