उत्तराखंड: समूचे भारत में मौसम ने करवट बदली है और कहीं बारिश तो कहीं बर्फबारी का सिलसिला प्रारंभ हो चुका है। उत्तराखंड के कई जिलों में बर्फबारी हुई है। मसूरी, चकराता और नैनीताल से लेकर चमोली तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। बर्फबारी की आस लगाए बैठे सैलानी खुशी से झूम रहे हैं तो वहीं स्थानीय नागरिक भी प्रसन्न हैं। पूरे उत्तराखंड से बारिश और बर्फबारी की सूचना सामने आ रही है।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 24 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का असर थोड़ा कम रहेगा। उत्तराखंड में आखिरकार बारिश-बर्फबारी का इंतजार शुक्रवार को समाप्त हो गया। शुक्रवार को मैदानों में बारिश और पहाड़ों में हुई बर्फबारी से लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। लोगों को सूखी ठंड से राहत मिली है। मौसम में आए बदलाव से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
शुक्रवार सवेरे बिगड़े मौसम के साथ राजधानी में रुक-रुक कर बारिश होनी शुरू हो गई जिससे दिन के तापमान में गिरावट आ गई और ऐसा ही हाल प्रदेश भर में बना रहा। तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन में इजाफा कर दिया है। सुबह से शुरू हुई बारिश का सिलसिला देर शाम तक जारी है। देहरादून में सबसे अधिक बारिश आशारोड़ी में दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। 24 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ का असर थोड़ा कम हो जाएगा, हालांकि हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में 25-26 जनवरी को दोबारा से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिए होने की संभावना है जिससे हल्की बारिश तथा बर्फबारी होने की उम्मीद है। इसके अलावा लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी व्यक्त की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से जारी किए गए पूर्वानुमान के अनुसार चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी के आसार हैं। खासतौर पर 2400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की अधिक संभावना बन रही है।
पहाड़ों पर हुई बर्फबारी ने मौसम की सुंदरता तो बढ़ाई है, पर साथ ही कुछ दुश्वारियां भी पैदा कर दी हैं। औली-जोशीमठ मोटर मार्ग और विभिन्न पैदल रास्तों पर बर्फ की मोटी परत जमने से आवाजाही प्रभावित हुई है और कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही फंस गई हैं। पेड़ों और वाहनों पर जमी बर्फ की परतें सैलानियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन रास्तों से बर्फ हटाकर यातायात को सुचारू करने के लिए प्रयासरत है।
