उत्तराखंड: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में आपसी समझौते के आधार पर भू स्वामियों से परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहीत करने की सरल प्रक्रिया को मंजूरी दे दी गई है।
उत्तराखंड राज्य में आपसी समझौते के आधार पर भू- स्वामियों से परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्ति की व्यवस्था को केबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। आपसी सहमति के होने से जहां एक ओर कार्यदायी संस्था को भूमि जल्दी मिल सकेगी, तो वहीं दूसरी तरफ भू-स्वामियों को भी शीघ्रता से जमीन का मुआवजा मिल सकेगा। इस व्यवस्था के क्रियान्वित होने से परियोजनाओं को कागज से धरातल पर उतरकर कार्य करने का अवसर जल्दी मिल सकेगा।
वर्तमान व्यवस्था में सड़क, बांध निर्माण जैसी परियोजनाओं में भूमि का अधिग्रहण किया जाता है जिसकी एक लंबी प्रक्रिया है। भूमि अधिग्रहण को लेकर अमूमन सालभर या उससे भी अधिक समय लग जाता है। परन्तु कैबिनेट में अब जो प्रस्ताव लाया गया उसमें भूमि अर्जित करने के लिए एक और विकल्प कार्यदायी एजेंसी और भूमि स्वामियों को प्राप्त हो गया है।
इस नई व्यवस्था के तहत यदि किसी एजेंसी को भूमि की आवश्यकता है, ताे वह भूमि स्वामी से संपर्क करेगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में मुआवजे का जो प्रावधान है, उसके आधार पर मूल्य तय किया जाएगा। यदि दोनों पक्षों में सहमति बनती है तो कार्यदायी एजेंसी द्वारा भूमि की रजिस्ट्री कराने के साथ उसका मूल्य सीधे भू- स्वामियों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। नई व्यवस्था से वर्तमान प्रक्रिया के चलते लगने वाले समय में तीन से चार गुना तक बचत होने की संभावना है। इससे भूमि स्वामी को भी जल्द मुआवजा मिल सकेगा और मुकदमेबाजी के झंझट में भी कमी आएगी। राजस्व अधिकारियों के अनुसार, इससे परियोजनाओं की लागत भी घट जाएगी।
इसके अलाव आज की कैबिनेट बैठक में कुछ अन्य प्रस्ताव भी रखे गए। ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता जिन्होंने पांच साल की सेवा पूर्ण कर ली है उन्हें आपसी सहमति से जनपद में तबादले का मौका मिलेगा।
देहरादून, उधमसिंह नगर समेत चार जिलों में जनजातीय कल्याण अधिकारी के पद स्वीकृत किए गए। उत्तराखंड में गैर कृषि कार्यों के लिए जमीन के अतिरिक्त अन्य औद्योगिक इकाइयों, आवासीय सोसाइटी में जल मूल्य प्रभार लगेगा। भूमिगत जल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर शुल्क लिया जाएगा। ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी दे दी गई है।इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सब्सिडी पर फैसला लिया जाएगा।
कैबिनेट की बैठक में सर्वप्रथम महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। मुख्यमंत्री सहित उपस्थित सभी माननीयों द्वारा प्रार्थना की गई कि इस दुखद हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
