जम्मू : पहलगाम डेवलपमेंट अथॉरिटी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। पर्यावरण के संरक्षण हेतु यह कदम उठाया गया है। प्रतिबंधित वस्तुओं में चिप्स के पैकेट, प्लास्टिक बैग, प्लास्टिक की बोतलें, प्लास्टिक की प्लेटें और कैन में मिलने वाले पैक पेय पदार्थ शामिल किए गए हैं। कचरा या बैन किया गया प्लास्टिक का सामान फेंकते हुए पकड़े जाने पर 2,000 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।

पहलगाम डेवलपमेंट अथॉरिटी यानि पीडीए ने पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले टूरिस्ट प्लेस, नदी के किनारे, वन क्षेत्र, बाजार और रिहायशी इलाकों में पॉलीथिन और अन्य प्लास्टिक वस्तुएं साथ ले जाने और उनके इस्तेमाल करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। पीडीए की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह निर्णय पार्कों, नदियों, जंगल के इलाकों, बाजारों आदि में प्लास्टिक बैग, चिप्स के पैकेट, पानी की बोतलें, डिस्पोजेबल प्लास्टिक क्रॉकरी तथा डिब्बाबंद ड्रिंक के कंटेनर फेंककर गंदगी फैलाने के बढ़ते मामलों के फलस्वरूप लिया गया है।

पीडीए ने अपने आदेश में कहा है कि ऐसा नॉन-बायोडिग्रेडेबल कचरा पर्यावरण के लिए खतरा पैदा करता है। यह इंसान और जानवर दोनों की जान के लिए खतरनाक है। पहलगाम की संवेदनशील इकोलॉजी के मद्देनजर और इको-फ्रेंडली टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे सभी इलाकों को तुरंत प्रभाव से पॉलीथिन-फ्री जोन घोषित कर दिया गया है। पीडीए ने चेतावनी जारी की है कि किसी भी नियम का उल्लंघन करने पर सख्ती से निपटा जाएगा। लगातार नियम तोड़ने पर जम्मू और कश्मीर पर्यटन विभाग से जारी पंजीकरण सर्टिफिकेट कैंसिल किए जा सकते हैं।

सभी आवश्यक निर्देश सीनियर टूरिज्म अधिकारियों, डिप्टी कमिश्नर अनंतनाग, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट पहलगाम, म्युनिसिपल अधिकारियों, फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट और एनफोर्समेंट इंस्पेक्टरों को जरूरी कार्रवाई के लिए अग्रसित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त पीडीए ने विशेष टीमों की नियुक्त भी की हैं जो जमीनी स्तर पर आदेशों का पालन सुनिश्चित करेंगी। इस कदम का पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों ने स्वागत किया है और इसे जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, पर्यावरण का ध्यान रखते हुए उठाया गया यह कदम सराहनीय है जिससे यहां के पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सकेगा। यह न केवल पीडीए की बल्कि स्थानीय निवासियों, हितधारकों, स्थानीय और बाहरी आगंतुकों की साझी जिम्मेदारी बनती है कि हम पर्यावरण का स्वयं संरक्षण करें।

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