मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश में इंदौर की मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक में भर्ती घोटाले को लेकर सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। आईबीपीएस परीक्षा में अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठाकर फर्जी तरीके से नौकरी पाने और दिलाने के सम्बन्ध में 14 अधिकारियों पर केस दर्ज किया गया है जिनमें से 11 अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर बैंक में भर्ती के चयन के लिए अभ्यर्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाए गए थे।
इस मामले की शिकायत के पश्चात सीबीआई की टीम ने बायोमेट्रिक सत्यापन किया तो धांधली उजागर हो गई, क्योंकि परीक्षा देने वाले और नौकरी पाने वाले लोगों के बायोमेट्रिक मेल नहीं खा रहे थे। साथ ही उनके फोटो भी नहीं मिल रहे थे। इससे साफ जाहिर हो गया कि परीक्षा देने वाले किराए पर लिए गए थे और नौकरी किसी दूसरे व्यक्ति को मिली थी। यह बात पुख्ता होने पर सीबीआई की टीम सक्रिय हो गई और विभिन्न जगहों पर छापे मारकर घोटाले में शामिल बैंक के अफसरों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले के खुलासे के लिए सीबीआई ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में अलग-अलग ठिकानों पर छापे मारे और दस्तावेज जब्त कर प्रमाण इकट्ठे किए। फर्जी तरीके से बैंक अधिकारी बने आरोपियों को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार किया तथा दोबारा से उनके बायोमेट्रिक प्रिंट लिए गए। इन आरोपियों को इंदौर की सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जिन सॉल्वरों ने फर्जी तरीके से परीक्षा दी थी उनकी भी जानकारी एकत्रित की जा रही है तथा उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
चयनित होकर बैंक अधिकारी बने तीन आरोपियों की सीबीआई सरगर्मी से तलाश कर रही है। बता दें कि बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान यानि आईबीपीएस पूरे देश के सार्वजनिक बैंकों के लिए अफसर, क्लर्क व अन्य पदों के लिए परीक्षा आयोजित करता है। सीबीआई ने इस प्रक्रिया में फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने वाली गैंग का खुलासा किया है जिसके चलते इस घोटाले में और भी बड़े अफसरों पर गाज गिर सकती है।
