उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी का असर तेज होने की संभावना व्यक्त की है। उत्तर प्रदेश में मार्च के पहले सप्ताह में ही तपिश और गर्मी के जो हालात बन रहे हैं, इसने इस बात का संकेत दे दिया है कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा रह सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। देश में झांसी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बांदा में 35.6 डिग्री और आगरा में 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 6 से 7 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। आगरा में तापमान औसत से 7 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा, जबकि अलीगढ़ में 6.7 डिग्री और उरई में 6.8 डिग्री सेल्सियस का दर्ज किया गया। बढ़ते तापमान से साफ है कि प्रदेश में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है। ऐसे में अगले सात दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं पिछले वर्ष यानि 2025 में मार्च के पहले सप्ताह में प्रदेश के ज्यादातर शहरों में दिन का तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा था। उस समय रात का तापमान भी अपेक्षाकृत कम था और यह लगभग 14 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार इस बार तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने भी मार्च से मई 2026 के बीच देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना जताई है।
बताया जा रहा है कि मार्च की शुरुआत में ही तापमान का इतना अधिक होना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ेगी। अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। ऐसे में दिन के समय तेज धूप और गर्मी का असर और अधिक महसूस किया जाएगा।
लगातार बढ़ते तापमान के कारण दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि जल्द ही एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से 7 से 11 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों— उत्तराखंड, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है जिसका असर उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी आंशिक रूप से देखा जा सकता है।
