उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के जेवर में प्रधानमंत्री का जनसभा स्थल गुरुवार यानि आज से छावनी में तब्दील हो जाएगा। जनसभा का पंडाल तैयार होने के पश्चात बिना अनुमति के किसी को भी यहां जाने की इजाजत नहीं होगी। सिर्फ वही अधिकारी और कर्मचारी यहां आ – जा पाएंगे, जिनकी यहां पर तैनाती की गई है। इस संबंध में यहां के जिलाधिकारी ने बीते रोज़ सभी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एयरपोर्ट परिसर के सभागार में बुधवार को अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जो देर शाम तक चली। बैठक में प्रशासन के साथ पुलिस, यातायात पुलिस, फायर विभाग, विद्युत विभाग, पीडब्ल्यूडी, एयरपोर्ट अथॉरिटी, यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने अधिकारियों को अवगत कराया कि सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय हो चुकी हैं और सभी को उनके ड्यूटी चार्ट दिए जा चुके हैं। अधिकारी अपनी टीम के साथ मिलकर काम करें और आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूर्ण कराएं। प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल को देखते हुए किसी तरह की और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी की बैठक में एडीएम, एसडीएम, प्राधिकरण व पुलिस विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
नोएडा एयरपोर्ट में होने वाली प्रधानमंत्री की जनसभा का पंडाल लगभग तैयार हो चुका है। प्रशासन की निगरानी में पंडाल को तैयार किया गया है और पर सीसीटीवी के जरिए बारीकी से निगरानी भी की जा रही है। प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए प्रशासन स्वयं इसकी निगरानी कर रहा है। गुरुवार को एसपीजी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां यहां पहुंच जाएंगी।
बता दें कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी एसपीजी की होती है। सुरक्षा प्रोटोकॉल की वजह से एसपीजी किसी भी व्यक्ति को प्रधानमंत्री के नजदीक नहीं आने देती। ऐसे में व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखने के लिए बृहस्पतिवार से एसपीजी यहां पर उपस्थित रहेगी। एसपीजी के आने के पश्चात किसी को भी जनसभा स्थल के पास जाने की अनुमति नहीं होगी। सिर्फ पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारी ही वहां आवागमन कर सकेंगे।
प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा की चार लेयर रहेंगी। पहली लेयर में एसपीजी और एनएसजी के कमांडो रहेंगे जोकि आधुनिक हथियारों और रक्षा सामग्रियों से पूरी तरह लैस होंगे। इसके साथ ही आसपास की जगहों पर स्नाइपर भी तैनात रहेंगे, जो प्रत्येक व्यक्ति और गतिविधि पर नजर रखेंगे। कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर यह तत्काल एक्शन लेंगे। इसके बाद की सुरक्षा लेयर में एसपी रैंक के पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे। इसके बाद अंतिम लेयर की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा पुलिस, पीएसी और अर्द्धसैनिक बल के जवान संभालेंगे।
एयरपोर्ट के अंदर अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कामगार और एयरपोर्ट का स्टाफ जिसकी अंदर ड्यूटी है, वह भी पूर्व निर्धारित दूरी तक ही तैनात रहेंगे। जनसभा पंडाल के नजदीक जाने की उन्हें अनुमति उन्हें भी नहीं होगी। इसके लिए कैंपस के अंदर पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे, जो अंदर प्रवेश करने के बाद भी कर्मचारियों के पहचान पत्र और अनुमति की जांच पड़ताल करेंगे, जिसके बाद ही उन्हें आगे जाने दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए पंडाल का निर्माण का काम लगभग संपूर्ण हो गया है। मंच के सामने सुरक्षा ब्लाॅक डी बनाया गया है जिसके भीतर एसपीजी और एनएसजी कमांडो के अतिरिक्त किसी को भी रहने की अनुमति नहीं होगी। उसके बाद वीवीआईपी और वीआईपी ब्लॉक हैं और इन ब्लॉकों को पूरा भगवा रंग से तैयार किया गया है। मंच से देखने पर पंडाल पूरा भगवा रंग का नजर आएगा। पंडाल की छत और पर्दों को भगवा और सफेद रंग से कवर किया गया है। साथ ही वीवीआईपी और वीआईपी ब्लॉक में बैठने के लिए जो सोफे रखे गए हैं, उन पर भी भगवा रंग के खोल चढ़ाए गए हैं।
