नई दिल्ली: राजधानी की लाइफ लाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो के विस्तार को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘दिल्ली मेट्रो फेज-5 (A)’ के विस्तार प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के लिए 12,015 करोड़ रुपए के बजट को हरी झंडी मिल गई है।
सरकार के इस फैसले से न केवल दिल्लीवासियों को फायदा पहुंचेगा बल्कि यह सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में भी एक नई अध्याय की शुरुआत है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज केंद्रीय कैबिनेट बैठक में हुए फैसलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए को स्वीकृति दे दी है। कैबिनेट की ओर से मंजूर की गई इस परियोजना के तहत दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में तीन नए कॉरिडोर जोड़े जाएंगे। इस विस्तार का प्रमुख ध्येय ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ को मजबूत करना और शहर के व्यस्ततम मार्गों पर भीड़भाड़ को सीमित करना है।
इस मंजूरी के साथ ही दिल्ली मेट्रो दुनिया के सबसे बड़े शहरी रेल नेटवर्क में अपनी स्थिति और सुदृढ़ करने जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अगले तीन वर्षों में इन नए कॉरिडोर्स के पूरा होने पर दिल्ली मेट्रो का कुल परिचालन नेटवर्क 400 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि होगी, जो दिल्ली मेट्रो को लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों की मेट्रो प्रणालियों के समकक्ष खड़ा कर देगा।
इस विस्तार को रणनीतिक रूप से डिजाइन किया गया है, जिससे प्रमुख आवासीय क्षेत्रों, कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट्स और ट्रांजिट इंटरचेंज पॉइंट्स की आपस में बेहतरीन कनेक्टिविटी हो जाएगी। कनेक्टिविटी बढ़ने से रियल एस्टेट और स्थानीय व्यापार को भी गति मिलने की उम्मीद जगी है। जिन इलाकों में नए स्टेशन बनेंगे, वहां प्रॉपर्टी की कीमतों और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आना तय माना जा रहा है।
