नई दिल्ली: बांग्लादेश से भारत में अवैध घुसपैठ को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरे साल अलर्ट मोड पर दिखी। केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले निर्देश के पश्चात् राजधानी दिल्ली के अलावा पड़ोसी राज्यों ने भी विशेष अभियान चलाकर अवैध प्रवासियों के खिलाफ धरपकड़ अभियान जारी रखा। आपको बता दें, दिल्ली में एलजी के आदेश के बाद इस साल की शुरुआत से ही राजधानी में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था।
राजधानी के सभी 15 जिलों में पुलिस ने विशेष अभियान चला कर यहां अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ एक्शन लिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, साल 2025 में दिल्ली पुलिस करीब 2200 बांग्लादेशियों को उनके देश डिपोर्ट कर चुकी है। आगे भी अभियान जारी रखा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2025 में की गई कार्रवाई को अब तक का सबसे बड़ा एक्शन माना जा रहा है। पिछले वर्षों के आंकड़े पर नजर डालें तो हर बार इस बार से कम बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा गया। ऐसा भी कहा जा रहा है कि पुलिस एक्शन को देखते हुए पकड़े जाने के डर से बहुत से लोग खुद ही वापस लौट गए।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, एलजी के आदेश के बाद वर्ष 2024 के आखिरी महीने से ही अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया था। सभी 15 जिलों में दिल्ली पुलिस की बाकी एजेंसियों ने भी जांच पड़ताल में भागीदारी निभाई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर थानेदार और दरोगाओं ने बीट स्टाफ की मदद से अपने-अपने एरिया में पड़ताल की। इसके अलावा जहां जरूरत पड़ी वहां छापेमारी कर बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा और उन्हें देश वापस भेजने की व्यवस्था की। पुलिस का एक्शन लगातार जारी रहा और धरपकड़ चलती रही।
साथ ही दिल्ली पुलिस ने अवैध बांग्लादेशियों पर कार्रवाई करने के अलावा उस सिंडिकेट पर भी कार्रवाई की जो इन बांग्लादेशियों को भारत पहुंचने में मदद करते हैं। साथ ही उनके कागजात बनवाने में भी उनकी मदद की जाती थी। पुलिस की गिरफ्त में आए कई लोग तो ऐसे मिले जो 20-20 साल से राजधानी में डेरा जमाए हुए थे।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने देश में गैरकानूनी रूप से रहने वाले अवैध प्रवासियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार को यह हक है कि वह देश की सीमाओं की सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था को ठीक से संभाले।
