पंजाब : पंजाब में कुछ दिनों पहले राजपुरा के ब्रदर्स ढाबा के मालिक पर हुई फायरिंग के बाद लकी पटियाल ग्रुप द्वारा फिरौती की मांग की गई थी। एक दूसरी वारदात में भी इसी गिरोह ने एनआरआई परिवार पर फायरिंग की और उनसे भी फिरौती की मांग की गई। इन दोनों वारदातों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने एसपी पटियाला गुरबन्स सिंह बैंस के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने जाल बिछाया और अपराधियों का पीछा करना शुरू किया।
पटियाला के दक्काला बाईपास पर पुलिस से इन बदमाशों की मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में लकी पटियाल गिरोह के शूटर मनप्रीत मन्ना की गोली लगने से मौत हो गई। घायल गैंगस्टर को पटियाला के सरकारी राजिंद्रा अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मनप्रीत मन्ना पर पहले भी जबरन वसूली और डकैती के मामले दर्ज थे। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस की नाकाबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर 2 से 3 राउंड फायर किए, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में वह घायल होकर मारा गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 32 बोर की पिस्टल, दो कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपी की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना निवासी कोट ईसे खां, जिला मोगा के रूप में हुई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बदमाश मनप्रीत सिंह बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर भवानीगढ़ की तरफ से पटियाला आ रहा है। इसके बाद गांव रामगढ़े के पास पुल पर पुलिस ने नाकाबंदी कर ली। आरोपी को रोकने की कोशिश करते ही उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि पंजाब के डीजीपी के आदेशों के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई। संगठित गिरोहों और अपराधियों के खिलाफ पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, और गैंग के बाकी सदस्यों को भी जल्दी ही उनके अंजाम तक पहुंचा दिया जाएगा।
