उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर में इसकी प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर सोमवार से पांच दिवसीय प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव का श्रीगणेश हो गया है। कर्नाटक से लाई गई सोने व हीरे से जड़ित भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा का राम मंदिर परिसर में विधिवत स्थापना और अनावरण किया। प्रतिमा को राम मंदिर के तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र में संत तुलसी दास की प्रतिमा के पास स्थापित किया गया है। लगभग 30 करोड़ रुपए मूल्य की इस स्वर्ण और रत्नजड़ित प्रतिमा को तंजौर शैली में तैयार किया गया है।
इस दौरान राम जन्मभूमि परिसर में स्थित अंगद टीला पर बनाए गए भव्य एवं दिव्य पंडाल में पहले दिन श्रीरामचरित मानस पाठ शुरू किया गया। श्रीश्री मां आनंदमयी मानस परिवार के सदस्यों की ओर से श्रीरामचरित मानस के बालकांड का संगीतमय पाठ से इसकी शुरुआत हुई। यह पाठ पांच दिन तक अनवरत चलेगा।
सोमवार दोपहर से श्रीरामकथा का शुभारंभ हुआ जो जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य द्वारा किया जा रहा है। इसके साथ ही गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के कलाकारों की ओर से रामलीला का मंचन किया जाएगा। 31 दिसंबर से दो जनवरी तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर, अनूप जलोटा और तृप्ति शाक्या की ओर से रामलला की सुरों से आराधना की जाएगी।
31 दिसंबर को इस कार्यक्रम का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मौजूद रहने की पूर्ण संभावना है। इस दौरान रक्षा मंत्री राम मंदिर परिसर के अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण करेंगे। प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में देश दुनिया के श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो चुका है। रामलला के दर्शन-पूजन का दौर प्रारंभ हो चुका है जिसके लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
